
हरियाणा (Best E News) रोहतक सिविल अस्पताल मे मंगलवार रात को बडा हादसा होते होते टल गया। शौचालय जाने के दौरान अंधेरे के कारण एक मरीज और उसकी मां पहली मंजिल से नीचे डक्ट में गिर गईं। हादसे में दोनों को चोटें आई हैं। घटना के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। करीब आधे घंटे बाद अस्पताल प्रशासन की टीम ने डक्ट का दरवाजा खोलकर दोनों को बाहर निकाला। इसके बाद दोनों का उपचार किया गया। सूचना मिलने पर सीएमओ डॉ. पुष्पेंद्र, पीएमओ, अस्पताल का स्टाफ और पुलिस भी मौके पर पहुंची।

रात को हुआ हादसा, मची अफरा तफरी: बता दे कि रोहतक के हनुमान कॉलोनी निवासी सोनिया हाथ की हड्डी टूटने के कारण ऑपरेशन के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती थी। रात करीब 1:30 बजे वह शौचालय जाने के लिए निकली। अस्पताल में लाइट नहीं होने के कारण सोनिया ने शौचालय के बजाय सीवर और पानी की पाइप लाइन के लिए बने डक्ट का दरवाजा खोल दिया और सीधे नीचे जा गिरी। बेटी को गिरता देखकर उसकी मां अमनी देवी भी डक्ट में नीचे गिर गईं।
रात को चला रेस्क्यू अभियान: हादसे के बाद अमनी देवी ने पाइप के सहारे ऊपर आने का प्रयास किया और अस्पताल में मौजूद लोगों को सोनिया के डक्ट में गिरने की जानकारी दी। इसके बाद अस्पताल स्टाफ ने रस्सी और सीढ़ी के सहारे सोनिया को बाहर निकालने का प्रयास किया। इसी दौरान एक अन्य मरीज ने ग्राउंड फ्लोर से डक्ट का दरवाजा खोला, जिसके बाद सोनिया को बाहर निकाला गया।
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परिजनों ने कहा लापरवाही से हुआ हादसा: सोनिया की मां अमनी देवी ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि अगर डक्ट के दरवाजे पर ताला लगा होता तो हादसा नहीं होता। अस्पताल प्रशासन के अनुसार फिलहाल अस्पताल में मरम्मत का काम चल रहा है और सीवर व पानी की पाइप लाइन वाले डक्ट के दरवाजे की चाबियां पीडब्ल्यूडी कर्मचारियों के पास हैं।
कार्यकारी सीएमओ डॉ. पुष्पेंद्र ने बताया कि रात को मरीज के साथ हादसा हुआ था और कुछ ही देर में उसे रेस्क्यू कर लिया गया। मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यहां पर निर्माणकार्य जारी है।
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