Best E News: हिंदू रिति रिवाज के चलते हिंदुस्तान में करवा चौथ का पर्व मुख्य रूप से कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, सबसे पहला करवा चौथ का व्रत रानी वीरवती ने अपने पति (राजा वीर सिंह) की रक्षा और लंबी आयु के लिए रखा था। उसी के बाद से हर साल यह पर्व मनाया जाने लगा। पहले इसको लेकर महिलाए कब जागरूक थी लेकिन सोशल मीडिया के चलते यह पर्व काफी प्रचलित हो गया है।
वर्ष 2026 में करवा चौथ का सही समय और मुहूर्त
- • व्रत की तिथि: 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार
- • व्रत का समय: सुबह 06:31 AM से रात 08:17 PM तक
- • पूजा का शुभ मुहूर्त: शाम 05:38 PM से 06:56 PM तक
- • चन्द्रोदय (चाँद दिखने) का समय: रात 08:17 PM (विभिन्न शहरों के अनुसार समय में थोड़ा अंतर हो सकता है)
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करवा चौथ 2026: आपके शहर में कब निकलेगा चांद ?
| करवा चौथ 2026 | शहर का नाम | चांद निकलने का समय |
|---|---|---|
| 1 | नई दिल्ली | रात 8:17 बजे |
| 2 | नोएडा | रात 8:16 बजे |
| 3 | गुरुग्राम | रात 8:18 बजे |
| 4 | गाजियाबाद | रात 8:17 बजे |
| 5 | चंडीगढ़ | रात 8:17 बजे |
| 6 | लुधियाना | रात 8:11 बजे |
| 7 | अमृतसर | रात 8:11 बजे |
| 8 | देहरादून | रात 8:02 बजे |
| 9 | हरिद्वार | रात 8:03 बजे |
| 10 | नैनीताल | रात 7:59 बजे |
| 11 | शिमला | रात 8:03 बजे |
| 12 | मनाली | रात 8:00 बजे |
| 13 | लखनऊ | रात 8:00 बजे |
| 14 | वाराणसी | रात 7:56 बजे |
| 15 | गोरखपुर | रात 7:51 बजे |
| 16 | कानपुर | रात 8:03 बजे |
| 17 | प्रयागराज | रात 8:00 बजे |
| 18 | आगरा | रात 8:11 बजे |
| 19 | अलीगढ़ | रात 8:08 बजे |
| 20 | बरेली | रात 8:02 बजे |
| 21 | मथुरा | रात 7:53 बजे |
| 22 | मुरादाबाद | रात 8:03 बजे |
| 23 | अयोध्या | रात 7:55 बजे |
| 24 | भोपाल | रात 8:25 बजे |
| 25 | इंदौर | रात 8:33 बजे |
| 26 | उज्जैन | रात 8:32 बजे |
| 27 | ग्वालियर | रात 8:14 बजे |
| 28 | जबलपुर | रात 8:12 बजे |
| 29 | पटना | रात 7:47 बजे |
| 30 | दरभंगा | रात 7:41 बजे |
| 31 | पूर्णिया | रात 7:36 बजे |
| 32 | भागलपुर | रात 7:40 बजे |
| 33 | जयपुर | रात 8:22 बजे |
| 34 | जोधपुर | रात 8:34 बजे |
| 35 | अजमेर | रात 8:27 बजे |
| 36 | बीकानेर | रात 8:29 बजे |
| 37 | जम्मू | रात 8:07 बजे |
| 38 | श्रीनगर | रात 8:03 बजे |
| 39 | रायपुर | रात 8:11 बजे |
| 40 | बिलासपुर | रात 8:07 बजे |
| 41 | मुंबई | रात 8:52 बजे |
| 42 | नागपुर | रात 8:29 बजे |
| 43 | पुणे | रात 8:58 बजे |
| 44 | अहमदाबाद | रात 8:52 बजे |
| 45 | कोलकाता | रात 7:47 बजे |
| 46 | हैदराबाद | रात 8:41 बजे |
| 47 | बेंगलुरु | रात 8:55 बजे |
| 48 | चेन्नई | रात 8:44 बजे |
| 49 | मेरठ | रात 8:07 बजे |
| 50 | अलवर | रात 8:15 बजे |
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जानिए क्यों मनाया जाता है यह पर्व ?
पुरानी कथाओ के विवाहित महिलाएं अपने पति की दीर्घायु, अच्छे स्वास्थ्य और सुखद दांपत्य जीवन की कामना के लिए यह निर्जला (बिना पानी के) व्रत रखती हैं। बताया जाता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव के लिए सबसे पहले यह कठोर व्रत रखा था। एक अन्य कथा के अनुसार, युद्ध पर गए पतियों की रक्षा और कुशलता की कामना के लिए भी यह पर्व मनाने की परंपरा शुरू हुई थी।
जानिए पर्व महत्व: इस दिन मिट्टी के पात्र (करवा) से चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है, जो सुख और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। करवा चौथ त्योहार, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चन्द्रोदय व्यापिनी चतुर्थी (करक चतुर्थी) को मनाया जाता है।
करवा चौथ पूजा विधि क्या हैं ?
- करवा चौथ की तैयारी सुबह से होती है और शाम को पूजा का विशेष महत्व है।
- इस पर्व में करवा यानी मिट्टी के करवे का विशेष महत्व होता है।
- पूजा स्थल की साफ-सफाई करें और वहीं पर देवी-देवताओं और करवा माता की फोटो को स्थापित करें।
- शाम के समय भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश, भगवान कार्तिकेय और नंदी की पूजा करें।
पूजा के दौरान करवा, दीपक, रोली, अक्षत, फल-फूल और सुहाग की सामग्री को अर्पित करें।
इसके बाद सुहागिन महिलाएं व्रत कथा सुनें या फिर स्वयं पढ़ें। अंत में महिलाएं पूजा की थाली और करवे का आदान-प्रदान करें और पति की लंबी आयु, अच्छी सेहत और सुख-समृद्धि की कामना करें।
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