
रेवाड़ी: रेवाड़ी नगर परिषद के उपचेयरमैन पद के चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज होने के बाद अब निगाहें चुनाव की तारीख और प्रत्याशी के नाम पर टिक गई हैं। रेवाड़ी नगर परिषद में उपचेयरमैन पद को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कुर्सी के लिए तीन से चार धड़े सक्रिय हैं और पार्षदों की बाड़ेबंदी शुरू हो गई है। कुछ दावेदार अपने समर्थक पार्षदों को लेकर शहर से बाहर रवाना हो चुके हैं, जबकि दूसरे खेमे भी बहुमत जुटाने में लगे हैं।
केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने ली बैठक: बता दे कि दो दिन पहले केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने नगर परिषद के 28 पार्षदों को अपने आवास पर बुलाया था, लेकिन इसके बाद भी उपचेयरमैन को लेकर सहमति नहीं बन सकी। उपचेयरमैन बनने के लिए 18 पार्षदों का समर्थन जरूरी है, जबकि किसी भी खेमे के पास स्पष्ट बहुमत नहीं। निखिल मांडिया, पूनम यादव, चेतराम सैनी और सुमन सैनी के नाम चर्चा में हैं। अब सवाल यह क्या भाजपा रेवाड़ी में अपने खेमे का उपचेयरमैन बनाने में सफल होगी या नहींं
केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के खेमे की ओर से पार्षदों की एकजुटता का दावा किए जाने के बाद अब संभावित सेंधमारी रोकने के लिए समर्थित पार्षदों की बाड़ाबंदी की तैयारी है। पार्षदों को दो से चार दिन के लिए शहर से बाहर ले जाया जा सकता है।राव खेमे की ओर से उप प्रधान पद के लिए नाम लगभग तय किए जाने की चर्चा है, लेकिन इसे चुनाव की घोषणा तक सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। रणनीति यह है कि नाम अंतिम समय में सामने आए, जिससे दूसरे खेमे को पार्षदों से संपर्क साधने या समीकरण बदलने का मौका न मिले।
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उपचेयरमैन चुनाव की तारीख घोषित होते ही राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। राव खेमे का दावा है कि कुल 32 पार्षदों में से 29 उसके साथ हैं। चेयरपर्सन विनीता पिप्पल ने भी 29 पार्षदों के एकजुट होने की बात कही है। हालांकि, चुनाव तक राजनीतिक समीकरणों में बदलाव की चर्चाएं बनी हुई हैं। बता दें कि नगर परिषद में 12 पार्षद भाजपा की टिकट पर चुनाव जीते थे, जबकि 16 पार्षद बाद में भाजपा में शामिल हुए थे।
