
रेवाड़ी (Best E News): रेवाड़ी शहर की मुख्य अनाज मंडी में गुरुवार रात हुई अचानक बारिश से मंडी प्रशासन, आढ़तियों और श्रमिकों में अफरा-तफरी मच गई। मंडी में खुले आसमान के नीचे रखे हजारों टन बाजरे को बचाने के लिए मजदूरों को आनन-फानन में तिरपाल ढकने पड़े। हालांकि, पर्याप्त इंतजाम न होने और तिरपालों के नीचे पानी भर जाने के कारण बड़ी मात्रा में बाजरा भीग गया।
रातभर बारिश के बाद मंडी में श्रमिक बाजरे की ढेरी से पानी निकालते और अनाज को सुरक्षित सुखाने में जुटे नजर आए।अनाज मंडियों में बाजरे की आवक चरम पर है, लेकिन सरकारी खरीद एजेंसियों और ठेकेदारों द्वारा धीमी गति से उठान (Slow Lifting) किए जाने के कारण मंडी परिसर में अनाज का भारी अंबर लग गया है।
- रेवाड़ी अनाज मंडी: अब तक 25,142 मीट्रिक टन बाजरे की आवक हो चुकी है।
- कोसली अनाज मंडी: अब तक 24,110 मीट्रिक टन बाजरा पहुंच चुका है।
- कुल आवक: जिले भर की मंडियों में अब तक कुल 49,253 मीट्रिक टन बाजरे की रिकॉर्ड आवक दर्ज की जा चुकी है।
उठान प्रक्रिया धीमी होने से खुले में अनाज रखने की मजबूरी बनी हुई है, जिससे बारिश में भारी आर्थिक नुकसान की आशंका गहरी हो गई है। श्रमिकों का कहना है कि आवक के मुकाबले मंडी में पर्याप्त तिरपाल उपलब्ध नहीं हैं। जिन ढेरों को ढका भी गया था, जमीन पर जलभराव होने के कारण तिरपाल के नीचे से पानी घुस गया और नीचे की परत का अनाज पूरी तरह भीग गया। बारिश का दौर कम समय तक चला, इसलिए नुकसान थोड़ा सीमित रहा। यदि बारिश थोड़ी देर और होती, तो करोड़ों रुपये का बाजरा पूरी तरह सड़ जाता।
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उठान में तेजी और तिरपाल इंतजाम की मांग
आढ़तियों और किसानों का कहना है कि यदि प्रशासन ने उठान की प्रक्रिया में तुरंत तेजी नहीं लाई और मौसम खराब रहा, तो आने वाले दिनों में किसानों व व्यापारियों दोनों को भारी चपत लगेगी। मंडी में तुरंत प्रभाव से वॉटरप्रूफ तिरपाल और ढके हुए शेड की पर्याप्त व्यवस्था करने की मांग की गई है।
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