
रेवाड़ी: साइबर अपराधों पर रोक लगाने और आमजन व कामकाजी लोगों को जागरूक करने के लिए रेवाड़ी पुलिस की ओर से विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक रविंद्र सिंह की टीम ने दिल्ली रोड स्थित कृष्णा मशीनरी का दौरा किया। यहां कर्मचारियों और अधिकारियों को साइबर ठगी के अलग-अलग तरीकों और उनसे बचने के उपायों की जानकारी दी गई। साइबर ठगी से कैसे बचे, क्या क्या सावधानिया जरूरी इनके बारें मे समझाया।
बिना जांचे कोई ऐप इंस्टॉल नहीं करें: साइबर थाना से पीएसआई रोहित और एचसी हरिओम ने कर्मचारियों को बताया कि साइबर अपराधी लगातार ठगी के नए तरीके अपना रहे हैं। उन्होंने ऑनलाइन जॉब और टास्क के नाम पर होने वाली ठगी से सावधान रहने, ओटीपी, पासवर्ड, यूपीआई पिन, बैंक और कार्ड संबंधी जानकारी किसी अनजान व्यक्ति को नहीं देने की अपील की। साथ ही व्हाट्सएप, एसएमएस और ईमेल से आने वाले संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं करने तथा बिना जांचे कोई ऐप इंस्टॉल नहीं करने की सलाह दी।
साइबर ठगी के प्रति किया जागरूक: रेवाड़ी पुलिस टीम ने डिजिटल अरेस्ट और फर्जी कॉल के बारे में भी जागरूक किया। कर्मचारियों को बताया गया कि कस्टम, सीबीआई या पुलिस अधिकारी बनकर डराने वाले फोन कॉल पर भरोसा न करें। पुलिस या कानून प्रवर्तन एजेंसियां ऑनलाइन पैसे की मांग नहीं करतीं। सुरक्षित डिजिटल भुगतान के संबंध में बताया गया कि क्यूआर कोड सामान्य तौर पर भुगतान करने के लिए स्कैन किया जाता है और पैसे प्राप्त करने के लिए यूपीआई पिन डालने की जरूरत नहीं होती।
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1930 पर दे सूचना: पुलिस ने साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करने और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। पुलिस के अनुसार वित्तीय धोखाधड़ी के तुरंत बाद शिकायत करने से ठगी गई रकम को रोकने की संभावना बढ़ सकती है। रेवाड़ी पुलिस की ओर से भविष्य में भी संस्थानों, शिक्षण संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर साइबर जागरूकता कार्यक्रम जारी रहेगा
