
चंडीगढ़ (Best E News) हरियाणा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। हरियाणा मे बार नोटिस दिए जाने पर कोई जबाव नहीं देने वाले मतदाताओं की बोट कटने के कगार पर है। बता दे कि लंबित नोटिसों के निपटान के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने विशेष अभियान शुरू किया है। प्रदेश में अब तक कुल 44 लाख 91 हजार 923 नोटिस जनरेट किए गए हैं। इनमें से 3 लाख 43 हजार 127 मतदाताओं ने अभी तक नोटिस का जवाब नहीं दिया है।निर्वाचक पंजीयन अधिकारी (ERO) और सहायक निर्वाचक पंजीयन अधिकारी (AERO) इन विशेष शिविरों का निरीक्षण करेंगे।
स्पेशल लगाया जा रहा तीन दिन शिविर: लंबित मामलों के समाधान और मतदाता सूची को पारदर्शी बनाने के लिए भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर प्रदेश के सभी 20,864 मतदान केंद्रों पर 7, 8 और 9 अक्टूबर को विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों में बीएलओ अपने-अपने मतदान केंद्रों पर मौजूद रहेंगे। बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं से संबंधित दस्तावेज भी प्राप्त करेंगे और लंबित नोटिसों का निपटान करने की कार्रवाई करेंगे।
निर्वाचक पंजीयन अधिकारी (ERO) और सहायक निर्वाचक पंजीयन अधिकारी (AERO) इन विशेष शिविरों का निरीक्षण करेंगे। अधिकारियों की ओर से बीएलओ के कार्य की फोटो और वीडियो भी तैयार कर आयोग को भेजी जाएगी तथा सोशल मीडिया पर अपलोड की जाएगी।
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बीएलओ की बढी टैंशन, वोटरो को कोई चिंता नही: हरियाणा में तीन लाख से ज्यादा वोटरो को अपने मतदान की चिंता ही नहीं है। बार बार नोटिस पर भी वे नही चेत रहे है। साफ जाहिर है इन स्थानो पर उनको वोट की जरूरत ही नहीं है। यहीं कारण है वे अपने वोट को लेकर चुप बैठे हुए है। निर्वाचन विभाग ने इन तीन दिनों के दौरान बीएलओ की मौजूदगी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। बिना सूचना के अनुपस्थित पाए जाने वाले बीएलओ के खिलाफ निर्वाचन आयोग के नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। विभाग का उद्देश्य लंबित नोटिसों का जल्द निपटान कर मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और अपडेट करना है।
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