
रेवाड़ी: बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन (MPHW )ने स्वास्थ्य विभाग की एमओटीपी (MOPT) प्रक्रिया के विरोध में लगातार दूसरे दिन विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन ने उपायुक्त को ज्ञापन भी सौंपा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। प्रदेश की विभिन्न ग्राम पंचायतों और जनप्रतिनिधियों ने भी पदों को समाप्त नहीं करने तथा खाली पदों को नियमित भर्ती से भरने की मांग की है।
जानिए क्या हैं मांगे: एसोसिएशन ने एमपीएचडब्ल्यू MPHW वर्ग को ऑनलाइन तबादला नीति से बाहर रखने, खाली पदों पर नियमित भर्ती करने और रेशनलाइजेशन के नाम पर पद समाप्त नहीं करने की मांग की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।
एसोसिएशन के जिला प्रधान दिनेश यादव ने कहा कि सरकार ने पारदर्शिता के नाम पर ऑनलाइन तबादला नीति शुरू की थी, लेकिन रेशनलाइजेशन के तहत कई जिलों में पद समाप्त किए जा रहे हैं। इससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती है । ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से सेवाएं देने के कारण कर्मचारियों का लोगों के साथ विश्वास का संबंध बनता है। तबादलों से इस व्यवस्था पर असर पड़ सकता है।
ये भी पढ़ें:रेवाड़ी अनाज मंडी में 19 से 24 अक्टूबर तक फसल खरीद का शेड्यूल जारी, देखें गांववार सूची
एसोसिएशन के अनुसार एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारी टीकाकरण, जच्चा-बच्चा स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, मलेरिया और डेंगू जैसे रोगों की रोकथाम, सर्वेक्षण और जन-जागरूकता कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
ये भी पढ़ें:महेंद्रगढ़ अनाज मंडी में इस दिन नहीं होगी बाजरे की खरीद, जाने पूरा शेड्यूल
