
धारूहेड़ा (Best E News) राजस्थान के भिवाड़ी से छोड़े गये फैक्ट्रियों के दूषित पानी ने एक बार फिर समस्या पैदा कर दी है। पूरे इलाके में ये दूषित काला पानी भर गया है। पानी से इलाके में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। ये कोई बारिश का पानी नहीं बल्कि राजस्थान से छोड़ा गया फैक्ट्रियों का दूषित पानी है। सड़क पर चल रहे वाहनों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। भिव़ाडी का काला पानी सेक्टर छह, बेस्टेक रोड पर जमा हो गया हैंंं
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बीडा अधिकारियों से मिले थे चेयरमैन: बार बार छोडे जा रहे काले पानी को लेकर एक अक्टूबर 2026 को नपा चेयरमैन अजय जांगडा बीडा अधिकारियों से मिले थे। उस समय आश्वसन दिया था पानी नही छोडा जाएगा। लेकिन अब एक बार फिर बिना बारिश काला पानी धारूहेड़ा में धकेल दिया है। एक बार फिर काला पानी बेस्टेक रोड, सेक्टर चार व छह के पास जमा हो गया हैं।
5 साल से कागजों में समाधान: पिछले 5 साल से भिवाड़ी केवल कागजों में समाधान करता हैं। बता दे कि भिवाड़ी और धारुहेड़ा के बीच दूषित पानी की ये समस्या नई नहीं है। ये विवाद एनजीटी के पास भी पहुंच चुका है। इस मामले में एनजीटी की तरफ से राजस्थान सरकार को फटकार लगाने के साथ ही सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के आदेश दिए गए थे। राजस्थान से आ रहे दूषित पानी को लेकर पिछले दो पहले धारुहेड़ा शहर को बंद कराया गया था और तहसील के सामने नगर धारूहेड़ा के लोग व नपा टीम धरने पर बैठे थे। ?
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दर्ज हो चुका है मुकदमा: बार बार छोडे जा रहे काले पानी को लेकर रेवाड़ी प्रशासन के निर्देश पर पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने राजस्थान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा चुका है। लेकिन मुकदमा दर्ज कराने के बाद भी राजस्थान से भारी संख्या में पानी छोड जा रहा है। प्रदूषित पानी के चलते पीने वाला पानी भी अब जहर बन गया है।
बता दे पहले भिवाड़ी की ओर से आने वाला प्रदूषित पानी रेवाड़ी-पलवल राष्ट्रीय राजमार्ग के रास्ते धारूहेड़ा तक पहुंचता था, लेकिन अब पानी को भिवाड़ी क्षेत्र में बने एक प्रतिष्ठित स्कूल के पीछे से हरियाणा की सीमा में छोडा जा रहा है। यहां से पानी धारूहेड़ा के सेक्टर-4 व सेक्टर-6 की आउटर रोड से होता हुआ राष्ट्रीय राजमार्ग तक पहुंच गया है। लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर भिवाड़ी से निकलने वाले इस प्रदूषित पानी को हरियाणा की सीमा में आने से रोकने की जिम्मेदारी किसकी है। राजस्थान के भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र से धारूहेड़ा पहुंच रहे केमिकल युक्त प्रदूषित पानी का वर्षों से धारूहेड़ा में बहकर आने वाला पानी जिला प्रशासन सहित हरियाणा सरकार व केंद्र सरकार के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
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कानूनी कार्रवाई की दी जा चुकी चेतावनी
भिवाड़ी से आने वाले इस प्रदूषित पानी को लेकर आयोजित मीटिंग में स्थानीय सांसद एवं केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह व हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन पी राघवेंद्र राव प्रदूषित पानी को इस तरह खुले मे छोड़ना आपराधिक मामला बता इसके जिम्मेदार विभागों व अधिकारियों पर मामला दर्ज किए जाने की बात भी कह चुके हैं। हालांकि प्रदूषित पानी की मार झेल रहे धारूहेड़ा को बर्बाद होने से बचाने के लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा अभी कोई कानूनी कार्यवाही नहीं की गई है। हर बार सिर्फ आश्वासन मिल हो जबकि धरातल पर कुछ नहीं हो रहा है।
30 अक्तूबर को हुई थी उच्चस्तरीय बैठक: पिछले साल 30 अक्तूबर को इस संबंध में दिल्ली में केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी व केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत से अलवर सांसद व केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने योजना के आगामी कार्यों को लेकर जानकारी दी थी। बैठक में दिल्ली जयपुर नेशनल हाईवे स्थित धारूहेडा में भिवाड़ी की ओर से आने वाले प्रदूषित व बरसाती पानी के कारण हाईवे पर बाधित होने वाले यातायात के मुद्दे पर चर्चा की गई थी। मंत्री भूपेंद्र यादव ने बताया था कि राजस्थान सरकार की ओर से भिवाड़ी के औद्योगिक दूषित पानी के शुद्धिकरण के लिए संसाधन का निर्माण आरंभ कर दिया है। दिसंबर में इनका निर्माण पूरा करा दिया जाएगा। इस निर्माण के बाद भिवाड़ी के औद्योगिक क्षेत्र का करीब 34 एमएलडी औपचारिक भिवाड़ी में ही किया जा सकेगा। राजस्थान की ओर से आने वाले औद्योगिक प्रदूषित पानी को निर्माण पूरा होने के बाद काफी हद तक नियंत्रित कर लिया जाएगा। लेकिन एक साल बीतने पर सिर्फ कागजों में काम हो रहा है।
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