
Best E News: रेवाड़ी के मोहल्ला संघी का बास निवासी पूनम की सिजेरियन डिलीवरी के बाद रविवार देर रात महाराजा अस्पताल में मौत हो गई। महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही बरतने और गंभीर हालत की जानकारी समय पर नहीं देने के आरोप में अस्पताल में जमकर बवाल काटा। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची तथा जांच के लिए पुलिस से पूछताछ जारी है।
अस्पताल पर जानकारी नही देने का आरोप: पूनम की छोटी बहन काजल ने बताया कि सुबह करीब 9 बजे डिलीवरी हुई थी। दोपहर करीब 3 बजे तक परिवार को उसकी हालत ठीक होने की जानकारी दी जा रही थी। इसके बाद अस्पताल की ओर से बताया गया कि ब्लीडिंग नहीं रुक रही है और दोबारा ऑपरेशन करना पड़ेगा। काजल का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद पूनम को ऑक्सीजन लगाकर नीचे लाया गया, लेकिन परिवार को उसकी गंभीर हालत के बारे में समय पर स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। लापरवाही के चलते ही ये हादसा हुआ हैंं
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पूनम के पति ने कहा मुझे इंसाफ चाहिए: पूनम के पति नरेंद्र यादव ने कहा कि उन्हें किसी तरह का मुआवजा नहीं, बल्कि इंसाफ चाहिए। उनका आरोप है कि यदि अस्पताल प्रबंधन समय रहते पूनम की गंभीर हालत के बारे में बता देता तो वे उसे दूसरे अस्पताल में शिफ्ट कराने का प्रयास कर सकते थे। उन्होंने डॉक्टर दीप्ति तनेजा के खिलाफ कार्रवाई और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। परिजनों ने ऑपरेशन के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया और ब्लीडिंग नहीं रुकने के कारणों की भी जांच कराने की मांग उठाई है।
परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही और गंभीर हालत की जानकारी समय पर नहीं देने के आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं, अस्पताल की डॉक्टर दीप्ति तनेजा ने लापरवाही से इनकार किया और बताया कि ब्लीडिंग रोकने के लिए उपचार किया गया था। मौत के कारणों को लेकर दोनों पक्षों के दावों की जांच जरूरी है।
अस्पताल प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग: महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही बरतने और गंभीर हालत की जानकारी समय पर नहीं देने के आरोप लगाए। वहीं अस्पताल प्रबंधन ने लापरवाही से इनकार करते हुए मौत का कारण साइलेंट अटैक बताया। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
