
रेवाड़ी(Best E News) नवरात्र के पावन अवसर और अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के उपलक्ष्य में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, मसानी में नारी शक्ति के सम्मान की एक अनूठी मिसाल पेश की गई। दुर्गा मंदिर, बारहाजारी के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. रजिंदर शर्मा ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल करने वाली नौ प्रतिभाशाली बालिकाओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर बालिकाओं की मेहनत, प्रतिभा, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में भी सफलता के नए आयाम स्थापित करने के लिए प्रेरित किया गया।
नवरात्र में माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना के साथ नौ बालिकाओं का सम्मान करना नारी शक्ति के प्रति श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक बना। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना तथा उनकी प्रतिभा को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना रहा।

विद्यालय की प्राचार्या डॉ. नम्रता सचदेवा ने अपने वक्तव्य में कहा कि बेटियाँ माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की तरह शक्ति, साहस, ज्ञान और आत्मविश्वास की प्रतीक हैं। नवरात्र और अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस का यह संगम हमें बेटियों की क्षमताओं को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ने के समान अवसर देने की प्रेरणा देता है। हमारा उद्देश्य केवल प्रतिभाशाली बेटियों को सम्मानित करना ही नहीं, बल्कि समाज में ऐसा सकारात्मक वातावरण तैयार करना भी है, जहाँ हर बेटी बिना किसी भेदभाव के अपने सपनों को साकार कर सके। जब एक बेटी सशक्त होती है, तो परिवार, समाज और राष्ट्र सशक्त होता है। बेटियों का सम्मान ही सच्चे अर्थों में माँ जगदम्बा की आराधना है।
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उन्होंने आगे कहा कि विद्यालय विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, समानता और सकारात्मक सोच विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है, ताकि प्रत्येक बालिका अपनी प्रतिभा को पहचानकर जीवन में सफलता के नए आयाम स्थापित कर सके।
जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. रजिंदर शर्मा ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि बेटियाँ समाज की वास्तविक शक्ति हैं। उनकी प्रतिभा को पहचानना, उन्हें प्रोत्साहित करना और शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस प्रकार के आयोजन बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ समाज में लैंगिक समानता और सकारात्मक सोच को भी प्रोत्साहित करते हैं। उन्होंने कहा कि बेटियों को उचित अवसर और प्रोत्साहन देकर ही एक शिक्षित, सशक्त एवं प्रगतिशील समाज का निर्माण किया जा सकता है। विद्यालय द्वारा बालिकाओं के सम्मान और प्रोत्साहन के लिए किया गया यह प्रयास सराहनीय एवं प्रेरणादायक है।
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि बेटियाँ बोझ नहीं, बल्कि परिवार और समाज की ताकत हैं। उन्हें शिक्षा, सम्मान, सुरक्षा और समान अवसर प्रदान करना महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सम्मानित बालिकाओं की उपलब्धियाँ अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनीं। संदेश स्पष्ट है—बेटियाँ ही शक्ति हैं, बेटियाँ ही सम्मान हैं और बेटियों का सशक्तिकरण ही राष्ट्र की सच्ची प्रगति है। उनका सम्मान ही सच्चे अर्थों में माँ जगदम्बा की आराधना है।
