
रेवाड़ी (Best E News) विजयादशमी के अवसर पर मंगलवार को रेवाड़ी जिले सहित हरियाणा के विभिन्न शहरों और गांवों में रावण दहन किया जाएगा। इस बार जिले के बेरली कलां गांव में 160 फीट ऊंचा रावण का पुतला आकर्षण का केंद्र रहेगा। वहीं, पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित शालीमार ग्राउंड में 221 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। यह पुतला हरियाणा में सबसे ऊंचे पुतलों में शामिल है।
बेरली कलां में 160 फीट ऊंचा रावण
रेवाड़ी जिले के बेरली कलां गांव में छोटेलाल रामलीला क्लब की ओर से 160 फीट ऊंचा और करीब 11 टन वजनी रावण का पुतला तैयार किया गया है। इसे बनाने में एक महीने से अधिक समय लगा और करीब पौने दो लाख रुपये खर्च हुए हैं। पुतले को खड़ा करने के लिए हाइड्रा मशीन की मदद ली गई। गांव में दशहरे के अवसर पर पहले झांकी निकाली जाएगी, इसके बाद शाम को रावण दहन होगा।
धारूहेड़ा में टाउन पार्क में होगा दहन
धारूहेड़ा में रामलीला कमेटी की ओर से टाउन पार्क के पास रावन दहन होगा। पिछजे कई सालो से यहां पर दशहरा पर्व बनाया जा रहा है। दोपहर रामलीली कमेटी ओर से झांकी निकाली जाएगी तथा शाम को रावण दहन होगा। इस बार धारूहेड़ा में 50 फीट का रावण बनाया गया है।
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रेवाड़ी शहर में हुडा ग्राउंड पर आयोजन
रेवाड़ी शहर में कोर्ट के पीछे स्थित हुडा ग्राउंड में भी दशहरा पर्व पर रावण दहन का आयोजन होता रहा है। पिछले वर्ष यहां 60 फीट ऊंचा रावण का पुतला बनाया गया था। हालांकि, इस बार 10 फुट का पुतला बनाया गया है।
रेवाड़ी पुलिस ने जारी की यातायात एडवाइजरी:
दशहरा पर्व पर भीड़भाड़ के दौरान आमजन को किसी भी असुविधा से बचाने के लिए रेवाड़ी पुलिस द्वारा रूट डायवर्जन लागू किया गया है। रेवाड़ी में रावण दहन कार्यक्रम के दौरान समय 04.00 PM से कार्यक्रम समाप्ती तक रणबीर सिंह हुडडा चौक से राजीव गांधी चौक तक व रणबीर सिंह हुडडा चौक से कंटेनर डिपो की तरफ सभी वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इस दौरान सभी वाहन चालक असुविधा से बचने के लिए अन्य वैकल्पिक रास्तों का प्रयोग करें।
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पंचकूला में 221 फीट का रावण
हरियाणा में इस बार पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित शालीमार ग्राउंड में 221 फीट ऊंचा रावण का पुतला तैयार किया गया है। आयोजकों के अनुसार, इस विशाल पुतले के निर्माण पर करीब 34 से 35 लाख रुपये खर्च हुए हैं। दशहरा महोत्सव में यह पुतला मुख्य आकर्षण रहेगा। पुतले की ऊंचाई को लेकर आयोजन स्थल पर सुरक्षा और बैरिकेडिंग की व्यवस्था भी की गई है।
दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। रावण दहन देखने के लिए हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग मैदानों में पहुंचते हैं। दर्शकों को आयोजन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था का पालन करने और भीड़ को देखते हुए समय से पहुंचने की सलाह दी जाती है।
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