
हरियाणा (Best E News): हरियाणा में बढ़ते यातायात के दबाव को कम करने और प्रमुख शहरों को भारी वाहनों के जाम से राहत दिलाने के लिए प्रदेश सरकार ने एक बड़ा खाका तैयार किया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में फैसला लिया गया कि राज्य के 1 लाख से अधिक आबादी वाले सभी शहरों और कस्बों के बाहर रिंग रोड और राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) बाईपास विकसित किए जाएंगे।
केंद्र सरकार की नीतियों के अनुरूप राज्य सरकार की वित्तीय भागीदारी का मॉडल तय करने के लिए वित्त विभाग, लोक निर्माण विभाग (PWD) और शहरी स्थानीय निकाय विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की 3 सदस्यीय विशेष कमेटी का गठन किया गया है।
जानिए किन शहरों में बनेंगे बाइपास
- हिसार बाईपास (DPR तैयार): हिसार बाईपास को एनएच-52 (हिसार-राजगढ़ रोड) से हिसार-दिल्ली रोड और हिसार-कैथल रोड से जोड़ा जाएगा। इससे शहर के अंदरूनी हिस्सों में भारी वाहनों की एंट्री बंद होगी और ट्रैफिक सुगम बनेगा।
- कुरुक्षेत्र-लाडवा बाईपास (DPR तैयार): कुरुक्षेत्र-लाडवा बाईपास की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) पूरी तरह तैयार कर ली गई है। अधिकारियों को इस परियोजना पर जल्द से जल्द धरातल पर काम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
- नारनौल में 11 किमी लंबा सिटी बाईपास: नारनौल शहर को बाईपास की बड़ी सौगात मिलने जा रही है। यहां करीब 11 किलोमीटर लंबा सिटी बाईपास बनाया जाएगा, जिसे सीधे NH-148B से कनेक्ट किया जाएगा।
- जींद में 4-लेन आउटर रिंग रोड: जींद में NH-352 पर 4-लेन ( फोरलेन) की बाहरी रिंग रोड और बाईपास विकसित करने की योजना को मंजूरी दी गई है।
- सोहना-पलवल कनेक्टिविटी: सोहना-पलवल मार्ग पर 24 किलोमीटर लंबी नई सड़क/बाईपास कनेक्टिविटी विकसित की जाएगी।
सड़क ढांचा मजबूत होने से क्षेत्रीय विकास को मिलेगी रफ्तार
इन रिंग रोड और बाईपास के निर्माण से जहां एक ओर बड़े शहरों में प्रदूषण और दैनिक ट्रैफिक जाम की समस्या से मुक्ति मिलेगी, वहीं दूसरी ओर अंतर-राज्यीय परिवहन (Inter-state transit) और औद्योगिक माल ढुलाई को बड़ी गति मिलेगी। दक्षिण हरियाणा (रेवाड़ी, नारनौल, गुरुग्राम) से लेकर हिसार और कुरुक्षेत्र तक की कनेक्टिविटी पहले से ज्यादा मजबूत होगी।
ये भी पढ़ेंहरियाणा में दिसंबर तक आएगा AI PPP 2.0 वर्जन: डॉ. सतीश खोला
