शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026

Alwar bypass जलभराव पर हरियाणा ने पल्ला झाड़ा, कहा- विवादित रैंप बनाने का रिकॉर्ड नहीं

Written by: सुनील कुमार

Published:

धारूहेड़ा (Best24News)। सोहना-पलवल हाईवे पर अलवर बाइपास (Alwar bypass )  के निकट जलभराव की समस्या का मामला अब और पेचीदा हो गया है। इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में…


Alwar bypass जलभराव पर हरियाणा ने पल्ला झाड़ा, कहा- विवादित रैंप बनाने का रिकॉर्ड नहीं
Alwar bypass जलभराव पर हरियाणा ने पल्ला झाड़ा, कहा- विवादित रैंप बनाने का रिकॉर्ड नहीं
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धारूहेड़ा (Best24News)। सोहना-पलवल हाईवे पर अलवर बाइपास (Alwar bypass )  के निकट जलभराव की समस्या का मामला अब और पेचीदा हो गया है। इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में चल रही कानूनी प्रक्रिया के बीच हरियाणा सरकार ने अपना हलफनामा दाखिल किया है। सरकार ने अदालत को बताया है कि विवादित रैंप का निर्माण किस विभाग या एजेंसी ने कराया था, इसका कोई प्रमाणिक रिकॉर्ड सरकारी दस्तावेजों में उपलब्ध नहीं है। ऐसे में रैंप के निर्माण से जुड़े आधिकारिक रिकॉर्ड को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। मामले में अगली सुनवाई 18 नवंबर को होगी।

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Alwar bypass जलभराव पर हरियाणा ने पल्ला झाड़ा, कहा- विवादित रैंप बनाने का रिकॉर्ड नहीं
Alwar bypass जलभराव पर हरियाणा ने पल्ला झाड़ा, कहा- विवादित रैंप बनाने का रिकॉर्ड नहीं

जलभराव से वाहन चालक परेशान, रोज लगता है जाम

Alwar bypass पर जलभराव के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां पानी जमा होने से अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। स्थानीय स्तर पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि भिवाड़ी की कुछ कंपनियों से काला और रसायनयुक्त पानी छोड़ा जा रहा है। निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण यह पानी अलवर बाइपास के आसपास जमा हो जाता है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि बिना बारिश के जमा हो रहे पानी और कथित रासायनिक अपशिष्ट को लेकर भिवाड़ी प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जा रही है। यदि पानी छोड़ने वाली कंपनियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होती है और निकासी की व्यवस्था सुधारी जाती है, तो जलभराव की समस्या कम हो सकती है।

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अदालत के आदेश पर हुआ था निरीक्षण

भिवाड़ी निवासी हवा सिंह व अन्य की ओर से दायर सिविल रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने 19 अगस्त को हरियाणा सरकार से विवादित रैंप के निर्माण के कानूनी आधार और प्राधिकार के संबंध में रिपोर्ट मांगी थी। इसके अनुपालन में हरियाणा सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने अदालत में शपथपत्र दाखिल किया है। इससे पहले अदालत की ओर से नियुक्त स्थानीय आयुक्त ने 4 जून को मौके का निरीक्षण किया था। निरीक्षण रिपोर्ट में रैंप की ऊंचाई करीब 3.05 फीट, चौड़ाई 13.50 मीटर और लंबाई लगभग 49 मीटर दर्ज की गई थी। मौके पर भिवाड़ी की तरफ करीब एक फीट पानी भी जमा मिला था।

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सरकार का कहना है कि केवल सड़क किनारे नालियां बनाने से जलभराव का स्थायी समाधान नहीं हो सकता। इसके लिए हरियाणा और राजस्थान की जल निकासी प्रणालियों, पानी के अंतिम निकास की क्षमता और पंपिंग व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए एकीकृत मास्टर प्लान तैयार करना जरूरी है। अब 18 नवंबर को होने वाली सुनवाई में मामले की आगे की दिशा स्पष्ट होने की उम्मीद है।

सुनील कुमार
About the Author सुनील कुमार

सुनील चौहान हरियाणा क्षेत्र की खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में 10 साल का अनुभव है और वे सामाजिक, प्रशासनिक और स्थानीय मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं। View all posts by सुनील कुमार →

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