Bhiwadi News :इंवेस्ट समिट के दो साल बाद 103 इकाइयों का 4569 करोड़ का निवेश जमीन पर आ चुका है। इन इकाइयों ने जमीन खरीदने के बाद प्लांट मशीनरी लगाने के बाद उत्पादन शुरू कर दिया है और 12578 कामगारों को रोजगार भी दिया है। लेकिन सबसे गंभीर बात यह है कि एमओयू करने वाली 14 कंपनियों ने हाथ पीछे खींच लिए। यानि भिवाड़ी औद्योगिक कस्बे मे करीब 50 हजार श्रमिको के रोजगार पर आंच आ गई।Bhiwadi News
बता दे कि औद्योगिक क्षेत्र भिवाड़ी, नीमराणा, घिलोठ व बहरोड़ में अप्रेल 2022 में 263 एमओयू और लेटर ऑफ इंटेंट (एलओआई) हुए थे। इसी के चलते इन क्षेत्रों 13 हजार 885 करोड़ का निवेश और 50 हजान युवाओ को रोजगार का सृजन होना था। क्योकि उस समय राजस्थान सरकार और जिला इकाइयों की ओर से निवेश को बढ़ावा देने के लिए जयपुर, अलवर, दिल्ली, हैदराबाद, बेंगलूरू सहित अन्य शहरों में रोड शो और इंवेस्ट समिट की थीं।
इंवेस्ट समिट की सफलता पर अगर गोर करे तो कोई खास फायदा नही हुआ। अभी तक 103 इकाइयों ने 4569 करोड़ का निवेश कर 12 हजार 578 रोजगार दिए हैं, जबकि 93 इकाई जिनका निवेश 4380 करोड़ है, उनमें निर्माण कार्य चल रहे हैं। इन इकाई की ओर से 20 हजार 592 रोजगार दिए जाएंगे, वहीं एक एमओयू का मामला लंबित हैं। जितने उम्मीद थी उसका रोजगार नहीं मिला।
इतने युवाओं को मिला रोजगार’ बता दे राजथान के औद्योगिक कस्बे मे इंवेस्ट समिट के चलते 3226 रोजगार दिए जाने हैं। जिंदल एल्युमिनियम भिवाड़ी की ओर से 150 करोड़ का निवेश कर 450 रोजगार, टॉय जोन भिवाड़ी में सात करोड़ का निवेश कर 70 रोजगार, मैक बियरिंग कहरानी में 20 करोड़ का निवेश कर 350 को रोजगार, पारस कहरानी में 13 करोड़ का निवेश कर 450 रोजगार और सकाटा इंक भिवाड़ी में नौ करोड़ का निवेश कर 430 रोजगार दिए जाएंगे।
इंवेस्ट समिट के दो साल बाद 103 इकाइयों का 4569 करोड़ का निवेश जमीन पर आ चुका है। इन इकाइयों ने जमीन खरीदने के बाद प्लांट मशीनरी लगाने के बाद उत्पादन शुरू कर दिया है और 12578 कामगारों को रोजगार भी दिया है। रीको प्रथम में कार्यालय अंतर्गत 590 करोड़ के एमओयू किए थे।













