
हरियाणा (Best E News) हरियाणा के करनाल में एक बडा मामला सामने आया है। करनाल के SP ने सिटी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रोहताश को निलंबित कर दिया है। उन पर एक पुराने आपराधिक मामले में सही तरीके से कार्रवाई नहीं करने और काम में लापरवाही बरतने का आरोप है। हाईकोर्ट ने कई बार पुलिस से जवाब मांगा था, लेकिन कोई जबाव नही दिया गय। हाईकोर्ट ने 14 अक्टूबर को पुलिस अधीक्षक करनाल को पेश होने के लिए बुलाया है। इसी के चलते ही ये कदम उठाया गया हैं
एसपी ने थाना प्रभारी को किया निलंबित
मामले में बरती गई लापरवाही और हाईकोर्ट में संतोषजनक जवाब नहीं दिए जाने को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक करनाल करण गोयल ने इंस्पेक्टर रोहताश को निलंबित कर दिया। रोहतास करनाल के सिटी थाने में एसएचओ के पद पर तैनात थे। पुलिस विभाग की इस कार्रवाई को पुराने मामले में जिम्मेदारी निभाने में हुई चूक से जोड़कर देखा जा रहा है। एसपी करन गोयल ने बताया कि एसएचओ पर कार्रवाई की गई है। बता दे कि रोहताश काफी लंबे समय ये सीआईए की यूनिट एंटी ऑटो थेफ्ट स्कवाड के इंचार्ज रहे हैं, वहां के बाद इनकी पोस्टिंग अब एसएचओ के सिटी के रूप में करीब 20 दिन पहले हुई थी।
लूट और हथियारों के चलते गिरी गाज
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मामला करनाल के सिटी थाने में दर्ज मुकदमा नंबर 679 से जुड़ा है। यह मुकदमा 11 दिसंबर 2001 को दर्ज किया गया था। इसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 393, 397 और 394 के अलावा शस्त्र अधिनियम की धाराएं 25, 54 और 59 लगाई गई थीं। मुकदमे में वजीरा और कर्मवीर आरोपी थे। कोर्ट ने दोनों को 10-10 साल की सजा सुनाई थी।
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कई बार मांगा जबाव लेकिन नही दिया: बता दे कि इस मामले के संबंध में हाईकोर्ट की ओर से पुलिस से कई बार जवाब मांगा गया। हाईकोर्ट पुलिस की ओर से दिए गए जवाबों से संतुष्ट नहीं हुई। इसके चलते 14 अक्टूबर 2026 को पुलिस अधीक्षक करनाल को हाईकोर्ट में पेश होने के निर्देश दिए गए हैं। मामला पुराने आपराधिक मुकदमे में पुलिस की कार्रवाई और हाईकोर्ट के सवालों का संतोषजनक जवाब देने में हुई चूक से जुड़ा है।
