
महम (Best E News) नेत्र दान महा दान की कहावत पर हरियाणा के महम में डेढ़ साल की बच्ची आस्था की मौत के बाद उसके माता-पिता ने नेत्रदान का फैसला लेकर मानवता की मिसाल पेश की है। महम के वार्ड नंबर छह निवासी दीपक परूथी और उनकी पत्नी रीना ने अपनी बेटी की आंखें दान करने की इच्छा जताई, ताकि दूसरे बच्चों को दुनिया देखने का अवसर मिल सके।
परिजनों के अनुसार, आस्था को पिछले दो दिनों से तेज बुखार था। इस दौरान उसे उल्टियां भी हुईं। तबीयत बिगड़ने के बाद बच्ची की मौत हो गई। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, लेकिन इस कठिन समय में माता-पिता ने चिकित्सकों से संपर्क कर नेत्रदान की इच्छा जाहिर की।
दीपक परूथी और रीना का कहना है कि यदि उनकी बेटी की आंखों से किसी दूसरे बच्चे की जिंदगी में रोशनी आ सकती है, तो इससे उन्हें इस दुख को सहने की ताकत मिलेगी। बेटी को खोने का दर्द कम नहीं हो सकता, लेकिन किसी जरूरतमंद को नई उम्मीद मिलने से उन्हें कुछ सांत्वना जरूर मिलेगी।
ये भी पढ़ें:रेवाड़ी अनाज मंडी में 19 से 24 अक्टूबर तक फसल खरीद का शेड्यूल जारी, देखें गांववार सूची
आस्था के माता-पिता का यह निर्णय समाज को मानवता और दूसरों की मदद करने का संदेश देता है। नेत्रदान से जरूरतमंद लोगों को दृष्टि पाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, प्रत्यारोपण की संभावना चिकित्सकीय जांच और उपलब्ध ऊतकों की उपयुक्तता पर निर्भर करती है। लेकिन अपनी आरे से दान देना एक सराहनीय कदम है।
ये भी पढ़ें:महेंद्रगढ़ अनाज मंडी में इस दिन नहीं होगी बाजरे की खरीद, जाने पूरा शेड्यूल
