
रेवाड़ी (Best24News): हरियाणा के सभी नागरिक अस्पतालों (Civil Hospitals) और सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों व तीमारदारों की सुविधा के लिए एक बड़ी डिजिटल पहल की शुरुआत की गई है। अब अस्पतालों में क्यूआर कोड (QR Code) स्कैनर डिस्प्ले के माध्यम से ऑनलाइन डिजिटल भुगतान स्वीकार करने की व्यवस्था लागू कर दी गई है। बता दे कि इस सुविधा से अब मरीजों को पर्ची बनवाने, OPD फीस, इमरजेंसी बिलिंग और विभिन्न लैब टेस्ट की रिपोर्ट के लिए नगद पैसों की चिंता नहीं करनी पड़ेगी।
डिजिटल भुगतान से मिलेगी सहूलियत और पारदर्शिता
नागरिक अस्पताल रेवाड़ी के सिविल सर्जन (CS) डॉ. नरेंद्र दहिया ने जानकारी देते हुए बताया कि सरकारी अस्पतालों में इलाज और जांच के लिए आने वाले मरीजों को अब काउंटर पर UPI, Google Pay, PhonePe या पेटीएम जैसे डिजिटल वॉलेट्स से सुरक्षित, सरल और पारदर्शी तरीके से भुगतान की सुविधा मिल रही है।
खुले पैसों और कैश की झंझट से मुक्ति: क्यूआर कोड के माध्यम से त्वरित भुगतान होने से मरीजों को हर समय नकद राशि (Cash) साथ रखने की जरूरत नहीं होगी, जिससे चोरी या पैसे खोने का डर खत्म होगा। साथ ही काउंटर पर छुट्टे पैसों की वजह से लगने वाली लंबी कतारों से भी राहत मिलेगी।
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स्वास्थ्य अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश
सिविल सर्जन डॉ. नरेंद्र दहिया ने जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) और उप-मंडल अस्पतालों के अधिकारियों को इन दिशा-निर्देशों की सख्ती से अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले हर नागरिक को डिजिटल सेवाओं का निर्बाध लाभ मिलना चाहिए ताकि किसी भी मरीज को इलाज या फीस भरने में असुविधा न हो।
जानिए पहले कहां हुई ये सेवा शुरू:
- ऑनलाइन OPD रजिस्ट्रेशन और अपॉइंटमेंट: केंद्र सरकार की e-Hospital सेवा 1 जुलाई 2015 को शुरू हुई थी। हालाकि यह सेवा हर राज्य में उस समय शुरू नहीं की गई।
- घर बैठे वीडियो कॉल से डॉक्टर की सलाह: e-Sanjeevani OPD अप्रैल 2020 में शुरू हुई। पंजाब, महाराष्ट्र, असम और उत्तर प्रदेश शुरुआती राज्यों में शामिल थे।
- QR कोड स्कैन करके अस्पताल में OPD पंजीकरण: यह सुविधा अक्टूबर 2022 में दिल्ली के एक अस्पताल से शुरू हुई और बाद में कई राज्यों में फैली थी।
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