Breaking News: राजस्थान के खैरथल तिजारा जिले के औद्योगिक कस्बा भिवाड़ी एक डाक्टर की दुकान पर दिनभर भीड लगी रहती है। बताया जा रहा है डाक्टर का ऐसा चमत्कार है जो महज 300 रूपए मे मरे हुए को जिंदा कर देता है। बस दे और आपका महज पांच मिनट मे काम हो जाएगा। अब आ सोच रहे थे ऐसा कौन सा चमत्कार है उसके पास। इसी चमत्कार जानने के लिए पत्रकार भी उसके पास पहुंचा। जब 300 रूपए लेकर उसका काम हो गया उसे यकिन हो गया कि यही डॉक्टर है तो 300 रूपए मे मरे हुए को जिंदा कर देता है।Breaking News
मेडिकल सर्टिफिकेट को लेकर बड़ा फर्जीवाड़ा: राजस्थान अलवर जिले के भिवाड़ी में इन दिनों मेडिकल सर्टिफिकेट को लेकर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जिसने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवहन विभाग के आसपास ही एक छोटी सी दुकान में हैवी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवश्यक मेडिकल सर्टिफिकेट खुलेआम बनाए जा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि यह सर्टिफिकेट बिना किसी मेडिकल जांच और बिना डॉक्टर की मौजूदगी के ही जारी किए जा रहे हैं।
जांच में हुआ बडा खुलासा: मामले की सच्चाई तब सामने आई जब मीडिया ने मौके पर पहुंचकर पड़ताल की। जांच के दौरान पाया गया कि MBBS डॉक्टर के नाम पर फर्जी सर्टिफिकेट जारी किए जा रहे हैं और उनके सिग्नेचर व स्टैंप तक नकली लगाए जा रहे हैं। नियमों के अनुसार मेडिकल सर्टिफिकेट जारी करते समय डॉक्टर का मौजूद होना और आवेदक की पूरी स्वास्थ्य जांच जरूरी होती है, लेकिन यहां इन सभी नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही थी।
मरे हुए का बना दिया जिंदा: बता दे कि रिपोर्टर द्वारा फर्जी दस्तावेज देने पर भी मौके पर मौजूद युवक ने बिना किसी जांच के तुरंत सर्टिफिकेट जारी कर दिया। सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि जिस व्यक्ति के नाम पर सर्टिफिकेट बनाया गया, उसकी करीब 22 दिन पहले चौपानकी थाना क्षेत्र में हत्या हो चुकी थी।
300 रूप्ए में मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट जारी: इसके बावजूद दलालों ने उसी मृत व्यक्ति को कागजों में जिंदा दिखाकर मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट जारी कर दिया। इतना ही नहीं, आधार कार्ड किसी और का, पता कहीं और का और फोटो मृत व्यक्ति की लगाकर यह पूरा खेल किया गया। परिवहन अधिकारी राजीव चौधरी का कहना है कि मामला बेहद गंभीर है और उनके संज्ञान में आने के बाद पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी।Breaking News











