Haryana Group D Update: हरियाणा के ग्रुप-डी कर्मचारियों के लिए सरकार ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू की है। अब पात्र कर्मचारियों को यह तय करने का अवसर मिलेगा कि वे कॉमन कैडर व्यवस्था का हिस्सा बने रहना चाहते हैं या अपने संबंधित विभाग के सेवा नियमों के तहत कार्य करना चाहते हैं। इसके लिए ऑनलाइन विकल्प भरना अनिवार्य होगा और पूरी प्रक्रिया तय समय सीमा के भीतर पूरी करनी होगी।
6 जुलाई से खुलेगा पोर्टल, 20 जुलाई तक मिलेगा मौका
सरकार की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार ऑनलाइन पोर्टल 6 जुलाई से सक्रिय होगा। पात्र कर्मचारी 20 जुलाई तक अपनी पसंद दर्ज कर सकेंगे। आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी, जिससे कर्मचारियों को किसी कार्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
OTP से होगा लॉगिन, HRMS मोबाइल नंबर रहेगा जरूरी (Haryana Group D Update)
कर्मचारियों को पोर्टल पर लॉगिन करने के लिए एचआरएमएस (HRMS) में पंजीकृत मोबाइल नंबर का उपयोग करना होगा। मोबाइल पर प्राप्त वन टाइम पासवर्ड (OTP) के जरिए पहचान सत्यापित होने के बाद ही विकल्प भरने की सुविधा मिलेगी। इसलिए जिन कर्मचारियों का मोबाइल नंबर अपडेट नहीं है, उन्हें पहले उसे सही करवाने की सलाह दी गई है।
समय रहते विकल्प नहीं भरा तो क्या होगा?
यदि कोई पात्र कर्मचारी 20 जुलाई तक अपनी पसंद दर्ज नहीं करता है, तो उसे स्वतः कॉमन कैडर में बने रहने वाला कर्मचारी माना जाएगा। ऐसे में बाद में बदलाव की प्रक्रिया आसान नहीं होगी, इसलिए समय सीमा का विशेष ध्यान रखना जरूरी है।
किन कर्मचारियों पर लागू होगा यह नियम?
यह व्यवस्था उन ग्रुप-डी कर्मचारियों के लिए लागू की गई है जिनकी नियुक्ति 28 मार्च 2018 या उसके बाद संबंधित भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से हुई थी। इन्हीं कर्मचारियों को कॉमन कैडर और विभागीय सेवा नियमों के बीच चयन करने का अधिकार दिया गया है।
कॉमन कैडर और विभागीय सेवा नियमों में क्या अंतर है?
जो कर्मचारी कॉमन कैडर में बने रहने का विकल्प चुनेंगे, उनकी सेवा शर्तें हरियाणा ग्रुप-डी कर्मचारी अधिनियम, 2018 के अनुसार संचालित होंगी। वहीं, जो कर्मचारी अपने विभाग का विकल्प चुनेंगे, उन पर संबंधित विभाग के सेवा नियम लागू होंगे। इससे उनकी प्रशासनिक व्यवस्था और सेवा संबंधी प्रक्रियाएं विभाग के अनुसार तय होंगी।
कर्मचारियों के लिए क्या है सलाह?
पात्र कर्मचारियों को सलाह दी गई है कि अंतिम तारीख का इंतजार करने के बजाय शुरुआती दिनों में ही पोर्टल पर जाकर अपना विकल्प दर्ज कर दें। इससे सर्वर पर अधिक लोड या तकनीकी दिक्कतों की स्थिति में परेशानी से बचा जा सकेगा और प्रक्रिया भी समय पर पूरी हो जाएगी।












