Haryana के कई जिलों में आई बाढ़ का असर स्कूलों पर बुरी तरह पड़ा है। कई दिनों तक शिक्षण संस्थान बंद रहे और अब भी कई जगह स्कूलों के परिसर में पानी भरा हुआ है। कुछ स्कूलों को दूसरी इमारतों में शिफ्ट किया गया है ताकि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो।
शिक्षा विभाग ने डीईओ और बीईओ की टीमों को प्रभावित स्कूलों का दौरा करने के निर्देश दिए हैं। पंचायतों से सहयोग मांगा गया है और मुख्यालय ने सभी स्कूलों से फोटो सहित रिपोर्ट मांगी है। इसका मकसद यह है कि स्थिति पर जल्द नियंत्रण पाया जा सके और पढ़ाई सामान्य रूप से शुरू हो।
यमुनानगर के 20 से अधिक स्कूलों में जलभराव हुआ था लेकिन अब सभी में पढ़ाई शुरू हो चुकी है। भिवानी के 19 स्कूल अब भी बंद हैं। रोहतक के 11 सरकारी स्कूल प्रभावित हुए, जिनमें से 5 स्कूल दूसरी जगह शिफ्ट किए गए हैं। सिरसा के शक्करमंदोरी गांव में कक्षाएं मंदिर में लग रही हैं।
झज्जर में कोई स्कूल बंद नहीं है, सिर्फ रास्तों में पानी की दिक्कत है। अंबाला के 3 स्कूलों में पानी भरा था लेकिन अब स्थिति सामान्य है। कैथल और करनाल में स्कूलों पर बाढ़ का असर नहीं हुआ। फतेहाबाद के 12 प्रभावित स्कूलों में अब कक्षाएं चल रही हैं।
कुरुक्षेत्र के 27 स्कूलों में पानी भरा था। शाहाबाद क्षेत्र में पढ़ाई शुरू हो चुकी है लेकिन पिहोवा के 8 स्कूल अब भी बंद हैं। हिसार में हालात सबसे खराब हैं। यहां 20 गांवों के 46 सरकारी स्कूल अभी भी जलभराव से जूझ रहे हैं। अधिकारी समाधान के प्रयास में जुटे हुए हैं।












