Chandigarh News: हरियाणा सरकार की कैबिनेट बैठक में शुक्रवार को कई जनहितैषी फैसलों पर मुहर लगाई गई। मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में नए कलेक्टर रेट को मंजूरी दी गई, जिसे आगामी 3 अगस्त से प्रदेशभर में लागू किया जा सकता है। इस फैसले से जमीन अधिग्रहण से जुड़े मामलों में स्पष्टता आएगी और किसानों को तय मुआवजा राशि मिलने में आसानी होगी।
मुख्यमंत्री ने महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता योजना का भी ऐलान किया। इसके तहत पात्र महिलाओं को ₹2100 प्रति माह की सहायता दी जाएगी। इसके लिए जल्द ही ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल शुरू किया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा महिलाएं इसका लाभ ले सकें।
कच्चे कर्मचारियों को राहत:
हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के अंतर्गत कार्यरत 1.20 लाख कच्चे कर्मचारियों को रिटायरमेंट तक नौकरी की सुरक्षा देने के लिए एसओपी को मंजूरी दे दी गई है। इसके साथ ही हरियाणा संविदा कर्मचारी नियम, 2025 के तहत ग्रुप B, C और D कर्मचारियों के लिए सेवा नियम तय किए गए हैं, जिससे सेवा में पारदर्शिता और स्थायित्व सुनिश्चित होगा।
भवन निर्माण होगा सस्ता:
कैबिनेट ने खनिजों की ढुलाई और माइनिंग रॉयल्टी से जुड़े नियमों में संशोधन करते हुए बजरी-रेत के दामों में कमी की दिशा में कदम उठाया है। अब बाहरी राज्यों से आने वाले खनिजों पर शुल्क ₹100 से घटाकर ₹80 प्रति मीट्रिक टन कर दिया गया है, जिससे आमजन के लिए घर बनाना सस्ता होगा।
कानूनी व सामाजिक फैसले:
महिला एवं बाल विकास विभाग में उप निदेशक की भर्ती में अब UGC-NET की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है।
पूर्व विधायकों को राहत देते हुए 60 वर्ष से अधिक आयु वालों को ₹10,000 प्रतिमाह का चिकित्सा भत्ता दिया जाएगा।
जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण नियम, 2025 को भी मंजूरी मिल गई है।
हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र 22 अगस्त से शुरू होगा।
किसानों और आवंटियों को राहत:
हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (HSAMB) के तहत जिन आवंटियों को NDC या कन्वेयंस डीड जारी हो चुकी है, उनके बकाया पर लगे ब्याज और जुर्माने को माफ कर दिया गया है। अब उनसे केवल मूल राशि ही वसूली जाएगी।
एविएशन क्षेत्र को बढ़ावा:
राज्य के सभी हवाई अड्डों पर एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर लगने वाला वैट 20% से घटाकर सिर्फ 1% कर दिया गया है। यह छूट 6 जुलाई 2027 तक प्रभावी रहेगी और क्षेत्रीय हवाई सेवाओं को प्रोत्साहन देगी।
कैबिनेट की इस अहम बैठक में कुल 21 एजेंडे रखे गए, जिनमें से 17 को मंजूरी मिल गई। ये फैसले हरियाणा के महिलाओं, किसानों, कर्मचारियों, उद्योगों और आमजन के लिए आने वाले समय में बड़ी राहत और बदलाव लेकर आ सकते हैं।













