नई दिल्ली: दिल्ली से अलवर तक बनने वाले रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) यानी नमो भारत ट्रेन प्रोजेक्ट पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। उद्योग विहार इलाके को छोड़कर बाकी सभी स्टेशनों की जगह तय कर ली गई है।Namo Bharat
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल शंकर चौक पर स्टेशन की लोकेशन को लेकर है, जहां पहले से ही ट्रैफिक का भारी दबाव है। हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (HSIIDC) का मानना है कि यहां एलिवेटेड या भूमिगत स्टेशन बनने से जाम की स्थिति और गंभीर हो सकती है।Namo Bharat
जानकारी के अनुसार, स्टेशन की सही जगह तय करने के लिए प्रदेश के टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की गई है। उम्मीद है कि अगले 10 दिनों के भीतर अंतिम निर्णय लेकर लोकेशन फाइनल कर दी जाएगी। इसके बाद जमीनी स्तर पर निर्माण कार्य शुरू होगा। NCRTC की योजना है कि स्टेशन वहीं बने जहां अधिक से अधिक लोग आसानी से पहुंच सकें।Namo Bharat
तीन चरणो मे होगा काम: बता दे कि दिल्ली से अलवर तक का यह कॉरिडोर तीन चरणों में विकसित किया जाएगा। पहले चरण में दिल्ली-गुरुग्राम-एसएनबी (शाहजहांपुर-नीमराणा-बहरोड़) तक 106 किलोमीटर का कॉरिडोर बनाया जाएगा। दूसरे चरण में इसे बहरोड़ से सोतानाला और तीसरे चरण में सोतानाला से अलवर तक विस्तारित किया जाएगा।
चर्चा यह भी है कि शुरुआती चरण में दिल्ली से धारूहेड़ा तक कॉरिडोर विकसित करने पर विचार हो सकता है, क्योंकि फिलहाल ट्रैफिक का दबाव यहीं तक सबसे अधिक है।Namo Bharat
NCRTC के अनुसार, परियोजना पूरी होने के बाद दिल्ली और आसपास रहने वालों का रुझान अलवर और नजदीकी इलाकों की ओर बढ़ेगा। इससे न केवल एनसीआर में ट्रैफिक का दबाव कम होगा बल्कि दिल्ली की आबादी पर भी बोझ घटेगा।
प्रोजेक्ट पर काम शुरू: मिट्टी की जांच और बिजली टावर शिफ्टिंग का कार्य पहले ही पूरा किया जा चुका है, जिससे अब प्रोजेक्ट का काम तेजी से आगे बढ़ने की उम्मीद है।













