Haryana: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं पर गंभीर आरोप लगाने वाली कांग्रेस नेत्री सुचित्रा देवी को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। हरियाणा महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष पर्ल चौधरी ने उनके निष्कासन के आदेश जारी किए हैं। सुचित्रा देवी ने कांग्रेस के कई नेताओं पर रेवाड़ी जिले की बावल विधानसभा सीट से टिकट देने के नाम पर करीब सात करोड़ रुपये लेने का आरोप लगाया था। इस मामले को लेकर उन्होंने और उनके पति गौरव कुमार ने मीडिया के माध्यम से वीडियो जारी कर शिकायत भी दर्ज कराई थी।
शीर्ष नेताओं को टिकट के लिए पैसे देने का आरोप
सुचित्रा देवी ने कहा कि कांग्रेस के शीर्ष नेताओं को टिकट के लिए पैसे देने के बावजूद उन्हें टिकट नहीं दिया गया। उनका कहना है कि उन्होंने 19 दिन पहले ही पार्टी से इस्तीफा दे दिया था, इसलिए निष्कासन का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने यह भी कहा कि पर्ल चौधरी अभी कुछ साल पहले ही राजनीति में आई हैं और उन्हें राजनीति की समझ विकसित करने के लिए समय चाहिए। सुचित्रा के अनुसार, जमीनी स्तर पर काम किए बिना राजनीति को समझना आसान नहीं है।
वहीं सुचित्रा देवी का यह भी कहना है कि एक शहीद परिवार के बच्चे राजनीति में बहुत कम दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी एमएलए या एमपी के बच्चों को टिकट मिल जाता है तो कोई सवाल नहीं उठता, लेकिन जब एक शहीद परिवार की बेटी अपना हक मांगती है तो उसे बाहर का रास्ता दिखाने की बात की जाती है
शिकायत पत्र भेजकर एफआईआर दर्ज करने की मांग
इस मामले में सुचित्रा देवी के पति गौरव कुमार ने दिल्ली के पुलिस आयुक्त को शिकायत पत्र भेजकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कांग्रेस के कई नामचीन नेताओं और उनके निजी सचिवों ने बावल विधानसभा क्षेत्र से टिकट दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये लिए, लेकिन बाद में टिकट नहीं दिया गया। शिकायत के साथ वॉट्सऐप चैट सहित कई दस्तावेज भी पुलिस को सौंपे गए हैं।
उधर हरियाणा महिला कांग्रेस की नव नियुक्त अध्यक्ष पर्ल चौधरी ने सुचित्रा देवी पर अनुशासनहीनता और झूठे आरोप लगाने का हवाला देते हुए पार्टी से निष्कासन का फैसला लिया है। इस पूरे मामले के सामने आने के बाद हरियाणा कांग्रेस की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।













