Haryana: रेवाड़ी जिले में शहरी विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने नए सेक्टर विकसित करने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। योजना के तहत जिले में कुल आठ नए सेक्टर बनाए जाएंगे, जिनके लिए करीब 1465 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है।
जानिए कितने होंगे सेक्टर
इनमें से पांच सेक्टर रेवाड़ी शहर और आसपास के क्षेत्रों में विकसित होंगे, जबकि तीन सेक्टर धारूहेड़ा क्षेत्र में बनाए जाएंगे। नए सेक्टरों में तीन आवासीय और पांच कमर्शियल सेक्टर शामिल होंगे, जिससे क्षेत्र में आवास, व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
अधिकारियों के अनुसार नए सेक्टरों के लिए चिन्हित जमीन का विवरण ई-भूमि पोर्टल पर डाला जा चुका है। जिन जमीन मालिकों की भूमि इन सेक्टरों में आती है और जो स्वेच्छा से अपनी जमीन बेचना चाहते हैं, उनसे जमीन खरीदी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि किसानों की सहमति से ही अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
योजना के तहत रेवाड़ी शहर के आसपास कुंडपुर क्षेत्र में करीब 569.60 एकड़ जमीन सेक्टर-14 के लिए चिन्हित की गई है, जो प्रस्तावित सेक्टरों में सबसे बड़ा आवासीय सेक्टर होगा। इसी तरह कालका, गुरुद्वारा-माजरा, कोनसीवास और माजरा कला क्षेत्र की करीब 250.70 एकड़ जमीन सेक्टर-23 के लिए तय की गई है, जहां आधुनिक सुविधाओं वाला आवासीय सेक्टर विकसित किया जाएगा।
इसके अलावा धारूहेड़ा के आसपास गांव खलियवास, और मसानी क्षेत्र में लगभग 227.25 एकड़ जमीन सेक्टर-38 के लिए चिन्हित की गई है। यह भी एक आवासीय सेक्टर होगा। वहीं व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए 224.38 एकड़ जमीन पर सेक्टर-29 को कमर्शियल सेक्टर के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके साथ ही गांव भूरथल, गुरुद्वारा माजरा और बीरियावास के पास 194.65 एकड़ जमीन पर सेक्टर-31 प्रस्तावित किया गया है, जहां बड़े रिटेल मॉल, शोरूम और अन्य व्यावसायिक संस्थान विकसित किए जा सकेंगे।
धारूहेड़ा क्षेत्र में भी तीन नए सेक्टर विकसित किए जाएंगे। यहां लगभग 53 एकड़ जमीन पर सेक्टर-57 विकसित करने की योजना है, जिसमें एडुकेशन और सेमी-पब्लिक सेक्टर शामिल होगा। इसके अलावा गांव मेहरमपुर के पास करीब 20.5 एकड़ जमीन पर सेक्टर-56 बनाया जाएगा, जो एक छोटा कमर्शियल सेक्टर होगा।
वहीं मेहरमपुर और गढ़ी अलावलपुर के बीच लगभग 12.5 एकड़ जमीन पर सेक्टर-20 प्रस्तावित किया गया है, जिसे भी कमर्शियल सेक्टर के रूप में विकसित किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इन नए सेक्टरों के विकसित होने से जिले में शहरी विकास को गति मिलेगी और लोगों को बेहतर आवासीय व व्यापारिक सुविधाएं मिल सकेंगी।













