Chhath Puja 2025: धारूहेड़ा में श्रद्धा और आस्था के पर्व छठ पूजा का तीसरा दिन आज पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। नहाय-खाय और खरना के बाद आस्थावान व्रतियों ने सोमवार शाम भगवान सूर्य देव को संध्या अर्घ्य अर्पित किया। छठ व्रती 36 घंटे का निर्जल उपवास रखते हुए परिवार की सुख-समृद्धि और संतान की मंगलकामना के लिए सूर्यदेव की आराधना में लीन रहे। अब मंगलवार प्रातःकाल सूर्योदय के समय दूसरा अर्घ्य दिया जाएगा, जिसके साथ चार दिवसीय छठ महापर्व संपन्न होगा।Chhath Puja 2025
कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाने वाला यह पर्व सूर्य देव और षष्ठी देवी, यानी छठी मैया, को समर्पित है। लोक-आस्था से जुड़ा यह महापर्व हरियाणा के साथ-साथ बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों में गहरे भाव से मनाया जाता है। शाम के समय बड़ी संख्या में व्रती बांस की टोकरी या सूप में फल, फूल, ठेकुआ, गन्ना, नारियल और अन्य पूजा सामग्री लेकर घाटों पर पहुंचे। अर्घ्य के बाद कई जगहों पर पटाखे जलाकर और दीप सजाकर पर्व का उल्लास व्यक्त किया गया।

धारूहेड़ा कस्बे में इस वर्ष लगभग 20 स्थानों पर छठ घाटों की विशेष सजावट की गई, जिनमें शिवनगर, रामनगर, निलगिरी कॉलोनी, चांद कॉलोनी, सेक्टर-6 और 4, मालुपुरा, महेश्वरी, गुर्जर घटाल और आजाद नगर प्रमुख रहे। स्थानीय समितियों ने घाटों पर प्रकाश व्यवस्था और साफ-सफाई के विशेष इंतजाम किए। श्रद्धालुओं की भीड़ देखते हुए प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखी। छठ पूजा के इस पावन अवसर पर पूरे क्षेत्र में भक्ति और उल्लास का वातावरण बना रहा।












