Dharuhera News: नामांकन बढ़ाने के लिए शिक्षकों ने विशेष अभियान शुरू किया है। राजकीय वरिष्ठ मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ततारपुर इस्तमुरार के शिक्षक पिछले करीब दस दिनों से आसपास के करीब 20 गांवों में जाकर अभिभावकों से संपर्क कर रहे हैं। इस दौरान उन्हें सरकारी स्कूलों में उपलब्ध सुविधाओं और पढ़ाई के स्तर के बारे में जानकारी दी जा रही है।
शिक्षकों के इस प्रयास को अभिभावकों का भी अच्छा सहयोग मिल रहा है और कई परिवार अपने बच्चों का दाखिला सरकारी स्कूल में कराने के लिए रुचि दिखा रहे हैं।विद्यालय के प्राचार्य विनोद मेहता के अनुसार स्कूल में इस समय करीब 1200 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इसके बावजूद शिक्षकों में नामांकन बढ़ाने को लेकर खासा उत्साह है। इसी उद्देश्य से शिक्षक गांव-गांव जाकर स्कूल की उपलब्धियों और शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी दे रहे हैं।Dharuhera News
उन्होंने बताया कि विद्यालय में पढ़ाई का स्तर बेहतर है और कई मामलों में यह आसपास के निजी स्कूलों को भी टक्कर दे रहा है। शिक्षक अभिभावकों को यह भी बता रहे हैं कि सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, गणवेश, छात्रवृत्ति और अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ दिया जाता है।
सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाने के लिए कई स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। शिक्षक घर-घर जाकर अभिभावकों को जागरूक कर रहे हैं और बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। साथ ही स्कूलों में कक्षा-कक्षों का निर्माण, पुस्तकालय और प्रयोगशालाओं जैसी सुविधाओं को भी बेहतर बनाया जा रहा है।
शिक्षकों को समय-समय पर प्रशिक्षण भी दिया जाता है ताकि वे विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा दे सकें। इसके अलावा स्कूलों के विकास में समुदाय की भागीदारी भी बढ़ाई जा रही है।राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ततारपुर इस्तमुरार के शिक्षकों की उपलब्धियां भी उल्लेखनीय रही हैं।
विद्यालय में कार्यरत अधिकांश शिक्षक पीएचडी डिग्री धारक हैं और सेंट्रल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट तथा अन्य पात्रता परीक्षाएं उत्तीर्ण करके नियुक्त हुए हैं। संस्कृत अध्यापक विजेंद्र को राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। अब तक विद्यालय के पांच शिक्षक इस सम्मान को प्राप्त कर चुके हैं, जो पूरे विद्यालय और क्षेत्र के लिए गर्व की बात मानी जा रही है।













