हरियाणा सरकार ने सरपंच और पंचों को दिया बडा तोहफा, सीएम सैनी ने किया ये एलान

On: March 9, 2026 9:33 PM
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हरियाणा में अगले माह निकाय चुनाव होने है। छोटी सरकार के प्रति​निधियों को लुभावन के लिए हरियाणा सरकार एक बडा फैसला लिया है। चारो ओर इस फैसले की वाह वाह हो रही है। क्योंकि हरियाणा (Haryana Govt) सरकार यानि नायब सैनी सरकार ने निकाय चुनावों से पहले पंचायत प्रतिनिधियों के लिए बड़ा फैसला लिया है।

अब प्रदेश के सरपंच और पंचों को मिलने वाला मासिक मानदेय सीधे उनके बैंक खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर किया जाएगा। सरकार इस नई डिजिटल व्यवस्था की शुरुआत 24 अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर करने जा रही है।

6188 सरपंच और 59,619 पंचों को मिलेगा डिजिटल भुगतान

नई व्यवस्था लागू होने के बाद हरियाणा के 6188 सरपंच और 59,619 पंचों को उनका मानदेय डिजिटल माध्यम से दिया जाएगा। सरकार का कहना है कि इससे भुगतान प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और समयबद्ध बनेगी।पंचायत विभाग के अनुसार अब पंचायत प्रतिनिधियों का मानदेय सीधे उनके बैंक खातों में भेजा जाएगा। इसके लिए सभी सरपंचों और पंचों के बैंक खातों का विवरण ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट किया जा रहा है।

 

सीधे बैंक खाते में आएगा पैसा

पंचायत विभाग के अनुसार अब पंचायत प्रतिनिधियों का मानदेय सीधे उनके बैंक खातों में  (Transfer ) ट्रांसफर किया जाएगा। इसके लिए सभी सरपंचों और पंचों के बैंक खातों का विवरण ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट किया जा रहा है।

विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि 20 मार्च तक सरपंच और पंचों के बैंक खाते के पहले पेज की फोटोकॉपी पोर्टल पर अपलोड कर दी जाए, ताकि भुगतान प्रक्रिया में किसी तरह की देरी न हो। इसके बाद मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini 24 अप्रैल को सीधे पंचायत प्रतिनिधियों के खातों में RTGS के माध्यम से मानदेय ट्रांसफर कर सकते हैं।

24 अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर होगी शुरुआत

विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 20 मार्च तक सरपंच और पंचों के बैंक खाते के पहले पेज की फोटोकॉपी पोर्टल पर अपलोड कर दी जाए, ताकि भुगतान प्रक्रिया में किसी तरह की देरी न हो। इसके बाद मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini 24 अप्रैल को आरटीजीएस के माध्यम से सीधे पंचायत प्रतिनिधियों के खातों में मानदेय ट्रांसफर कर सकते हैं।

हरियाणा में पंचायत प्रतिनिधियों को मानदेय देने की शुरुआत वर्ष 2012 में की गई थी। उस समय सरपंच और पंच लंबे समय से इसकी मांग कर रहे थे। उनका तर्क था कि जब सांसद और विधायक को मानदेय दिया जा सकता है तो पंचायत प्रतिनिधियों को भी यह सुविधा मिलनी चाहिए। तत्कालीन सरकार ने उनकी मांग को स्वीकार करते हुए मानदेय की शुरुआत की थी।

 

शुरुआत में सरपंच को 2000 रुपये और पंच को 600 रुपये प्रति माह दिए जाते थे। बाद में साल 2015 में इस राशि में बढ़ोतरी करते हुए सरपंच का मानदेय 3000 रुपये और पंच का 1000 रुपये प्रति माह कर दिया गया। पंचायत विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन भुगतान प्रणाली लागू करने का मुख्य उद्देश्य भ्रष्टाचार पर रोक लगाना और पंचायत व्यवस्था को डिजिटल बनाना है।

जानिए इस योजना से क्या होगा फायदा

नई व्यवस्था लागू होने के बाद पंचायत प्रतिनिधियों को हर महीने समय पर मानदेय मिलेगा और भुगतान का पूरा रिकॉर्ड भी ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा, जिससे प्रशासनिक निगरानी आसान हो सकेगी।सरकार का कहना है कि इससे भुगतान प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और समयबद्ध बनेगी।

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मै पीके चौहान पिछले 6 साल में पत्रकारिता में कार्यरत हूं। मेरे द्वारा राजनीति, क्राइम व मंनोरजन की खबरे Best E News पर अपडेट की जाती है।

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