करनाल में पुलिस-डॉक्टर विवाद ने लिया आंदोलन का रूप, सरकारी अस्पतालों की सेवाएं ठप

On: March 7, 2026 11:25 AM
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Police-Doctor Dispute in Karnal Turns Into Major Protest, Government Hospital Services Halted

हरियाणा के करनाल जिले में पुलिस और डॉक्टरों के बीच हुआ विवाद अब बड़ा आंदोलन बन गया है। एक स्थानीय थाना प्रभारी (SHO) पर ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर के साथ कथित तौर पर मारपीट और अभद्र व्यवहार करने का आरोप है। इस घटना के विरोध में जिले के सरकारी डॉक्टरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। डॉक्टरों की हड़ताल के कारण सरकारी अस्पतालों की ओपीडी, इमरजेंसी और पोस्टमार्टम जैसी जरूरी सेवाएं भी पूरी तरह बंद हो गई हैं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बताया जा रहा है कि यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब अस्पताल में किसी मामले को लेकर पुलिस और डॉक्टरों के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि इस दौरान थाना प्रभारी ने ड्यूटी कर रहे डॉक्टर के साथ दुर्व्यवहार किया और हाथापाई भी की। घटना की जानकारी मिलते ही डॉक्टरों में रोष फैल गया और उन्होंने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।

घटना के बाद डॉक्टरों की एसोसिएशन ने शनिवार सुबह एक आपातकालीन बैठक बुलाई।

Police-Doctor Dispute in Karnal Turns Into Major Protest, Government Hospital Services Haltedइस बैठक में जिले के कई सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर शामिल हुए। बैठक के बाद डॉक्टरों ने प्रशासन और पुलिस विभाग को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि आरोपी SHO और इस मामले में शामिल अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए। डॉक्टरों ने इसके लिए प्रशासन को दो घंटे का समय दिया था।

हालांकि डॉक्टरों का आरोप है कि निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी पुलिस विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि पुलिस अपने ही विभाग के अधिकारी को बचाने में लगी हुई है, जिसके कारण न्याय नहीं मिल पा रहा है। इसी के विरोध में डॉक्टरों ने सामूहिक रूप से अनिश्चितकालीन हड़ताल का फैसला लिया।

डॉक्टरों की हड़ताल के कारण जिले के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह प्रभावित हो गई हैं। ओपीडी सेवाएं बंद होने से मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है, जबकि इमरजेंसी सेवाएं बंद होने से गंभीर मरीजों की परेशानी और बढ़ गई है। इसके अलावा पोस्टमार्टम सेवाएं भी ठप हो गई हैं, जिससे कई मामलों की जांच प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

डॉक्टरों का कहना है कि जब तक आरोपी पुलिस अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि ड्यूटी के दौरान ही डॉक्टर सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होना स्वाभाविक है।

वहीं दूसरी ओर प्रशासन स्थिति को संभालने की कोशिश में जुटा हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने डॉक्टरों से हड़ताल खत्म कर मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सेवाएं बहाल करने की अपील भी की है।

फिलहाल करनाल में यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है। यदि जल्द ही कोई समाधान नहीं निकलता, तो स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है और आम लोगों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं। डॉक्टरों और प्रशासन के बीच बातचीत से ही इस विवाद का हल निकलने की उम्मीद जताई जा रही है।

सुनील चौहान

मै पिछले 6 साल से पत्रकारिता में कार्यरत हूं। हमारा मकसद जल्दी से जल्दी देश की की ताजा खबरे को आम जनता तक पहुंचाने के साथ समस्याओं को उजागर करना है।

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