हरियाणा: हरियाणा सरकार प्रदेश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में लगातार अहम कदम उठा रही है। इसी क्रम में महेंद्रगढ़ जिले में अटेली और नारनौल के बीच स्थित मिर्जापुर-बाछौद हवाई पट्टी पर नए हैंगर और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) भवन के निर्माण को मंजूरी दी गई है।
स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने इस परियोजना को महेंद्रगढ़ जिले के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार हवाई क्षेत्र के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। इस तरह की परियोजनाएं न केवल बुनियादी ढांचे को मजबूत करती हैं, बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी गति देती हैं। मंत्री ने कहा कि हवाई सुविधाओं के विस्तार से महेंद्रगढ़ जैसे जिलों को मुख्यधारा के विकास से जोड़ने में मदद मिलेगी।
बता दे कि यह परियोजना लगभग 14 करोड़ रुपये की लागत से पूरी की जाएगी। इस फैसले को जिले के विकास के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिससे भविष्य में क्षेत्र की हवाई कनेक्टिविटी को नया आयाम मिलने की उम्मीद है।

युवाओ को मिलेगा रोजगार: उन्होंने कहा कि मिर्जापुर-बाछौद हवाई पट्टी पर सिविल एयरोड्रोम से जुड़ी सुविधाएं विकसित होने से क्षेत्र में हवाई कनेक्टिविटी बढ़ेगी। इसका लाभ भविष्य में औद्योगिक विकास, आपातकालीन सेवाओं और प्रशासनिक कार्यों में भी मिलेगा।
साथ ही इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है। सरकार का मानना है कि इस तरह के बुनियादी ढांचे के विकास से महेंद्रगढ़ जिले की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को मजबूती मिलेगी और क्षेत्र को विकास की नई दिशा प्राप्त होगी।
13 करोड होगेंं खर्च: हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने बताया कि इस भवन निर्माण कार्य को हरियाणा लोक निर्माण विभाग के माध्यम से पूरा किया जाएगा। परियोजना को तय योजना और निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वीकृत राशि में से करीब 5 करोड़ रुपये एटीसी भवन के निर्माण पर और लगभग 8 करोड़ रुपये हैंगर के निर्माण पर खर्च किए जाएंगे।
युवाओ को मिलेगा रोजगार: उन्होंने कहा कि मिर्जापुर-बाछौद हवाई पट्टी पर सिविल एयरोड्रोम से जुड़ी सुविधाएं विकसित होने से क्षेत्र में हवाई कनेक्टिविटी बढ़ेगी। इसका लाभ भविष्य में औद्योगिक विकास, आपातकालीन सेवाओं और प्रशासनिक कार्यों में भी मिलेगा।
साथ ही इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है। सरकार का मानना है कि इस तरह के बुनियादी ढांचे के विकास से महेंद्रगढ़ जिले की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को मजबूती मिलेगी और क्षेत्र को विकास की नई दिशा प्राप्त होगी।











