रेवाड़ी। विश्व सनातन धर्म सेवा ट्रस्ट की ओर से रेवाड़ी में पहली बार आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथामृत का शुभारंभ बुधवार को भव्य कलश एवं शोभायात्रा के साथ हुआ।भव्य शोभायात्रा का शुभारंभ शहर के ऐतिहासिक बारा हजारी चौक स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर से हुआ। भाजपा की जिलाध्यक्ष डॉ. वंदना पोपली और रेवाड़ी नगर परिषद की चेयरपर्सन पूनम यादव ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर यात्रा को रवाना किया।
पृथ्वी का बैकुंठ कहे जाने वाले जगन्नाथ पुरी धाम से रेवाड़ी पहुंचे महाप्रभु के दारू ब्रह्म स्वरूप श्री जगन्नाथ जी, श्री बलभद्र जी, माता सुभद्रा जी और सुदर्शन जी रथ में सवार होकर जब शहर के प्रमुख बाजारों से गुजरे तो पूरा वातावरण जय जगन्नाथ के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने जगह जगह पुष्पवर्षा कर भगवान जगन्नाथ का स्वागत किया।
इसके बाद शोभायात्रा सब्जी मंडी, भाड़ावास गेट, अग्रसेन चौक, बस अड्डा और अंबेडकर चौक से होती हुई बैंड बाजों और ढोल नगाड़ों के साथ अग्रवाल भवन पहुंची। मार्ग में बड़ी संख्या में शहरवासियों ने शोभायात्रा का स्वागत किया और धार्मिक उत्साह का माहौल बना रहा।
रेवाड़ी में पहली बार पधारे जगन्नाथ संस्कृति के विद्वान एवं भविष्य मालिका पुराण के रचयिता परम पूज्य पंडित डॉ. काशीनाथ मिश्र ने कथा प्रवचन के दौरान रेवाड़ी की पावन धरा को नमन करते हुए महाप्रभु जगन्नाथ के चरणों में वंदन किया। उन्होंने कहा कि महाप्रभु जगन्नाथ के दर्शन मात्र से ही समस्त पापों का नाश हो जाता है। उन्होंने भविष्य मालिका पुराण का उल्लेख करते हुए बताया कि यह कलयुग का अंतिम ग्रंथ है, जिसे लगभग 600 वर्ष पूर्व श्री चैतन्य महाप्रभु के निर्देशन में पंचसखाओं द्वारा उड़िया भाषा में लिपिबद्ध कराया गया था। उन्होंने कहा कि 40 वर्षों के अध्ययन के बाद इस ग्रंथ को विभिन्न भाषाओं में रूपांतरित किया गया है, जिसकी भविष्यवाणियां सत्य और मार्गदर्शक हैं।
कार्यक्रम के मुख्य आयोजक नवीन भुराड़िया ने क्षेत्र के धर्मप्रेमी नागरिकों से आह्वान किया कि वे इस सात दिवसीय धार्मिक आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करें और महाप्रभु जगन्नाथ के साक्षात दर्शन का पुण्य लाभ प्राप्त करें। इस अवसर पर भाजपा नेत्री नीतू चौधरी, एडवोकेट प्रवीण शर्मा, कृपा जैमिनी, रीतू भुराड़िया, राकेश गुप्ता, पवन गुप्ता, अंशुल भुराड़िया, लोकेश भुराड़िया, सीमा माहेश्वरी, पूनम, सुप्रिया, पारुल डागा, रोहन डागा, प्रदीप डागा, जगन्नाथ मंदिर के पुजारी पंडित टेकचंद शर्मा सहित अनेक गणमान्य लोग और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।













