साईबर फ्रॉड का नया खुलासा, Narnaul पुलिस ने मुनफैद को पकड़कर रकम बरामद की, जांच तेज

On: December 13, 2025 5:56 PM
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साईबर फ्रॉड का नया खुलासा, Narnaul पुलिस ने मुंफैद को पकड़कर रकम बरामद की, जांच तेज

Narnaul के सदर पुलिस स्टेशन (Sadar police station) की पुलिस टीम ने साइबर फ्रॉड के मामलों में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसकी पहचान नूंह के अमीनाबाद (Aminabad) निवासी मुनफैद (Munfaid) के रूप में हुई है। अमीनाबाद (Aminabad) इलाके के एक बुजुर्ग आरोपी को पकड़ा गया और पूछताछ के दौरान उससे लगभग ₹18,400 बरामद किए गए।

आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया। इस मामले में पुलिस ने पहले नूंह के अमीनाबाद (Aminabad) निवासी नौशाद को भी गिरफ्तार किया था। गुवानी के एक व्यक्ति ने भैंस बेचने के नाम पर एक व्यक्ति से ₹34,000 की मांग की थी। Narnaul के गुवानी के एक निवासी ने नारनौल (Narnaul) के सदर पुलिस स्टेशन (Sadar police station) में शिकायत दर्ज कराई कि 13 नवंबर को उसने YouTube पर एक भैंस का विज्ञापन देखा और विक्रेता से संपर्क किया। उसने भैंस के लिए आवेदन किया, जिसकी कीमत ₹5,000 थी।

इसके बाद विक्रेता ने एक पासबुक की तस्वीर भेजी। 14 नवंबर को भैंस को ट्रांसपोर्ट करने के बारे में बात हुई और कुल कीमत ₹70,000 तय की गई। इसके बाद धोखेबाजों ने शिकायतकर्ता से यह कहकर ₹14,500 और ले लिए कि GPS खराब हो गया है।

फिर उन्होंने कागजी कार्रवाई में देरी का बहाना बनाकर शिकायतकर्ता से ₹21,750 और ऐंठ लिए। जब ​​शिकायतकर्ता ने मना किया, तो उन्होंने डील कैंसिल करने की धमकी दी। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह पहले ही ₹34,000 दे चुका था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और कार्रवाई शुरू की।

एक पुलिस प्रवक्ता (police spokesperson) ने बताया कि जिला पुलिस साइबर अपराध और उसकी रोकथाम के बारे में लगातार जागरूकता फैला रही है। साइबर अपराधी (Cybercriminals) इंटरनेट मीडिया साइट्स पर अच्छी क्वालिटी के सामान और भैंसों की तस्वीरें और वीडियो अपलोड करते हैं, और कम कीमतों का लालच देकर लोगों को फंसाते हैं। तस्वीरों/वीडियो/विज्ञापनों में बार-बार अच्छी क्वालिटी और ज़्यादा दूध देने वाली भैंसों को कम कीमत पर दिखाया जाता है। जब दिए गए फोन नंबर पर संपर्क किया जाता है, तो धोखेबाज पीड़ितों को भैंसों का दूध निकालते हुए, दूध मापते हुए, एक डेनिश फार्म की तस्वीरें और गाड़ी में भैंसों को ले जाते हुए वीडियो दिखाकर उनका भरोसा जीतते हैं। फिर, साइबर अपराधी (Cybercriminals) आपको फंसाते हैं और आपको अलग-अलग गांवों में रहने वाले लोगों के खातों में पैसे ट्रांसफर करने का निर्देश देते हैं। फिर साइबर क्रिमिनल्स (cybercriminals) गाड़ी में डीज़ल खत्म होने या GPS काम न करने जैसे अलग-अलग बहाने बनाकर आपसे और पैसे ऐंठते हैं, और फिर आपको धोखा देते हैं। ऐसे घोटालों के झांसे में न आएं। अगर आप साइबर क्राइम के शिकार हुए हैं, तो 1930 पर कॉल करें।

सुनील चौहान

मै पिछले 6 साल से पत्रकारिता में कार्यरत हूं। हमारा मकसद जल्दी से जल्दी देश की की ताजा खबरे को आम जनता तक पहुंचाने के साथ समस्याओं को उजागर करना है।

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