Hisar Airport Winter Schedule: हरियाणा के हिसार हवाई अड्डे (Hisar Airport) को देश के हवाई नेटवर्क में और मजबूती देने की तैयारी जोर-शोर से चल रही है। इस साल 26 अक्टूबर 2025 से 28 मार्च 2026 तक चलने वाले विंटर सीजन में हिसार हवाई अड्डे पर उड़ानों की संख्या पिछले साल की तुलना में करीब 6% बढ़ाई जाएगी। हालांकि नया फ्लाइट शेड्यूल 26 नवंबर से लागू हो चुका है।
नई उड़ानों से यात्रियों को मिलेगा फायदा
नए शेड्यूल के लागू होने से हिसार एयरपोर्ट (Hisar Airport) की कनेक्टिविटी में काफी सुधार होगा। यात्रियों को अन्य शहरों के लिए अब सीधे उड़ानें मिलेंगी जिससे उनकी यात्रा और आसान और तेज होगी। साथ ही एयरलाइंस को भी नए रूट पर ऑपरेशन करने का मौका मिलेगा। इससे दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) और मुंबई जैसे बड़े शहरों को ग्लोबल एविएशन हब बनने में मदद मिलेगी।
हिसार से उड़ानें होंगी ज्यादा
महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट हिसार में नया विंटर शेड्यूल 26 नवंबर से लागू हो गया है। इसके तहत हिसार-जयपुर, हिसार-अयोध्या और हिसार-दिल्ली फ्लाइट अब सप्ताह में दो दिन संचालित होंगी। वहीं हिसार-चंडीगढ़ फ्लाइट सप्ताह में तीन दिन उड़ान भरेगी। इससे पहले हिसार-अयोध्या, हिसार-दिल्ली और हिसार-जयपुर की उड़ानें केवल सप्ताह में एक दिन ही चलती थीं। चंडीगढ़ फ्लाइट भी पहले सप्ताह में दो दिन ही चलती थी जो अब बढ़ा दी गई है। फिलहाल हिसार से जम्मू और अहमदाबाद के लिए नई फ्लाइट शुरू करने की योजना नहीं बनी है।
क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मिलेगी बढ़ावा
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के मुताबिक नया शेड्यूल एयरलाइंस के रीजनल कनेक्टिविटी विस्तार और टियर-2 व टियर-3 शहरों में बेहतर संपर्क पर ध्यान केंद्रित करता है। हिसार के अलावा अमरावती, पूर्णिया और रूपसी जैसे हवाई अड्डे जुड़ने से स्थानीय और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
देश के 126 हवाई अड्डों से कुल 26,495 साप्ताहिक उड़ानों को मंजूरी दी गई है। पिछले ग्रीष्मकालीन सीजन 2025 में 129 हवाई अड्डों से 25,610 उड़ानों का संचालन हुआ था। हिसार और अमरावती जैसे नए हवाई अड्डे रीजनल कनेक्टिविटी के विस्तार को दर्शाते हैं। वहीं सर्दियों के मौसम में अलीगढ़, मुरादाबाद, चित्रकूट, भावनगर, लुधियाना, पाकयोंग और श्रावस्ती जैसे कुछ हवाई अड्डों पर फ्लाइट संचालन अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।













