Dharuhera News: धारूहेड़ा नगर पालिका क्षेत्र में नई वार्ड बंदी को लेकर विवाद एक बार फिर गहरा गया है। लगभग दस साल बाद वार्ड बढ़ाने पर सहमति तो बनी, लेकिन इसके साथ ही राजनीतिक खींचतान भी शुरू हो गई है। सेक्टर-4 आरडब्ल्यूए के प्रधान नरेंद्र यादव ने वार्ड तीन के परिसीमन को चुनौती देते हुए पूरे मामले को चुनाव आयोग तक पहुंचा दिया है। उनकी मांग है कि सेक्टर-4 को एक अलग वार्ड बनाया जाए, लेकिन हाल ही में हुई वार्ड बंदी में इस क्षेत्र को फिर से वार्ड तीन में ही शामिल कर दिया गया है, जिस पर RWA ने कड़ा एतराज जताया है।Dharuhera News
शिकायत के बावजूद सुनवाई नही: प्रधा नरेंद्र यादव ने बताया कि जुलाई में नपा धारूहेड़ा, डीसी रेवाड़ी और नगर न्यास को पत्र भेजकर सेक्टर-4 को एक स्वतंत्र वार्ड बनाने की अपील की गई थी। उन्हें उस समय आश्वासन भी दिया गया था कि आगामी परिसीमन में इस मांग पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। RWAs का तर्क है कि वर्तमान में वार्ड तीन में सेक्टर-4 के साथ बजरंग नगर और सैनी कॉलोनी के मतदाता जुड़े हुए हैं, जिससे क्षेत्रीय आवश्यकताओं के मुताबिक विकास कार्य करवाने में कठिनाई आती है। एचएसवीपी क्षेत्र होने के चलते सेक्टर-4 के कई कार्य अलग प्रकृति के हैं, इसलिए अलग वार्ड बनने से प्रशासनिक प्रक्रिया भी सरल हो सकती है।
तीसरा वार्ड बनाने को लेकर राजनीति: सेक्टर वासियों के अनुसार नई वार्ड बंदी में सेक्टर-6 और हाउसिंग बोर्ड के क्षेत्र से तीसरा नया वार्ड बना दिया गया है, जबकि वहां मतदाता संख्या अपेक्षाकृत कम है। इसके बावजूद सेक्टर-4 को अलग वार्ड नहीं किया गया, जिससे असंतोष बढ़ गया है। इसी मुद्दे को आधार बनाते हुए RWAs ने चुनाव आयोग को पत्र भेजकर नए परिसीमन को रद्द करने और वार्ड का पुनर्निर्धारण करने की मांग की है। फिलहाल आयोग से जवाब की प्रतीक्षा है, जबकि क्षेत्र में इस मुद्दे पर चर्चाएं तेजी से बढ़ रही हैं।













