धारूहेड़ा : रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की ओर से भव्य पथ संचलन का आयोजन किया गया। विजयदशमी के उपलक्ष्य में आयोजित इस संचलन में नगर की दस बस्तियों से स्वयंसेवकों ने भाग लिया। 6 वर्ष से लेकर 65 वर्ष तक के स्वयंसेवक परंपरागत गणवेश में अनुशासनबद्ध तरीके से मार्च करते हुए नगर भ्रमण पर निकले। संचलन का उद्देश्य समाज में एकता, देशभक्ति और अनुशासन का संदेश फैलाना रहा।
संघ के अधिकारियों ने बताया कि यह यात्रा त्याग, निस्वार्थता और सत्यनिष्ठ कर्म का प्रतीक है, जो भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र प्रेम से ओतप्रोत संघ की कार्यशैली ने इसे आज विश्व का सबसे बड़ा और शक्तिशाली संगठन बना दिया है।
कार्यक्रम के दौरान रेवाड़ी जिले के शारीरिक शिक्षण प्रमुख देवेंद्र ने संघ शताब्दी वर्ष (1925-2025) की दिव्य यात्रा पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह सौ वर्ष का सफर संघ के स्वयंसेवकों के कठोर तप और समर्पण का परिणाम है।
इस अवसर पर नगर कार्यवाह राजेश, नगर शारीरिक शिक्षण प्रमुख लोकेश, अंकुर, चिराग, नरेंद्र, विश्दीप, बीर सिंह, जनार्दन, अनिल, राजपाल, अजय, मोहित, इंदर सिंह, सुनील और राजेश सेन सहित उपेंद्र भी मौजूद रहे।













