Haryana News: दक्षिण हरियाणा के रेवाड़ी शहर की जनता के लिए बड़ी राहत की खबर है. सालों से पेयजल समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए गांव भगवानपुर में नहरी पानी पर आधारित एक नए जलघर के निर्माण को मंजूरी दी गई है. यह जलघर 8 एमएलडी की क्षमता वाला होगा और करीब 10 एकड़ जमीन पर बनेगा.
45 करोड़ की लागत से होगा निर्माण
इस जलघर के निर्माण पर लगभग 45 करोड़ रुपए खर्च होंगे. विभाग की ओर से इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. अगले महीने टेंडर खुलने की संभावना है. इस प्रोजेक्ट से रेवाड़ी शहर में जल संकट को दूर करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.
बढ़ती आबादी और घटती क्षमता
समय के साथ रेवाड़ी शहर की आबादी बढ़ती जा रही है लेकिन जल भंडारण की क्षमता अभी भी पुरानी व्यवस्था पर टिकी है. पानीपत के खूबडू से जवाहर लाल नेहरू कैनाल के जरिए 600 क्यूसेक पानी का प्रावधान है लेकिन रेवाड़ी को केवल 300 से 400 क्यूसेक पानी ही मिल पाता है. इसी वजह से जल संकट बना रहता है.
मौजूदा जलघर और टैंकों की स्थिति
रेवाड़ी में कालाका गांव स्थित जलघर में पांच वाटर टैंक हैं जिनकी क्षमता करीब 950 लाख गैलन है. लिसाना गांव में बने दो टैंकों की क्षमता 340 लाख गैलन है. वहीं नए बने टैंक की क्षमता 32 करोड़ 640 लाख लीटर है. इसके बावजूद शहर के लोगों को हर 15 दिन नियमित और उसके बाद एक दिन छोड़कर पानी मिलता है जिससे काफी दिक्कत होती है.
इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दिलाने में गुरुग्राम लोकसभा सीट से बीजेपी सांसद एवं केन्द्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह की बड़ी भूमिका रही. उनके प्रयासों से भगवानपुर ग्राम पंचायत ने 10 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई. जनस्वास्थ्य विभाग ने तुरंत प्रक्रिया शुरू की. अब यहां इकट्ठा पानी को आधुनिक तकनीक से शुद्ध कर घर-घर तक पहुंचाया जाएगा.













