मुख्य बिंदु (Bullet Summary)
- अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का पुतला दहन
- “कॉरपोरेट कृषि छोड़ो” और “बहुराष्ट्रीय कंपनियां भारत छोड़ो” दिवस मनाया गया
- कृषि लागत बढ़ने और किसानों की आमदनी घटने पर जताई चिंता
जमाखोरी और महंगाई के लिए बहुराष्ट्रीय कंपनियों पर आरोप
- Haryana News: संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर जिले में किसानों ने सोमवार को नेहरू पार्क से उपायुक्त कार्यालय तक जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान जय किसान आंदोलन, भारतीय किसान यूनियन और ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का पुतला फूंका। प्रदर्शनकारियों ने इस दिन को “कॉरपोरेट कृषि छोड़ो” और “बहुराष्ट्रीय कंपनियां भारत छोड़ो” दिवस के रूप में मनाया।
- कार्यक्रम का संचालन ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के जिला अध्यक्ष रामकुमार नीमोठ ने किया। उन्होंने कहा कि देश के किसानों और मेहनतकश वर्ग की स्थिति लगातार बिगड़ रही है। खेती की लागत में तेजी से इजाफा हो रहा है जबकि आमदनी घट रही है। घाटे में जा रही खेती के कारण किसान कर्ज के बोझ तले दबते जा रहे हैं। स्वतंत्रता के 77 वर्ष बाद भी किसानों और भूमिहीन गरीबों की हालत में खास सुधार नहीं आया है, जो अंग्रेजी राज के समय जैसी ही बनी हुई है।Haryana News
- उन्होंने आरोप लगाया कि फसल कटाई के समय कृषि उपज के दाम औंधे मुंह गिर जाते हैं, जबकि जमाखोरी करने वाली बहुराष्ट्रीय कंपनियां इन्हें स्टॉक कर बाद में कई गुना कीमत पर बेचती हैं। इससे उपभोक्ताओं को महंगे दामों पर खाद्य सामग्री खरीदनी पड़ती है और कॉरपोरेट कंपनियां भारी मुनाफा कमा रही हैं। किसान संगठनों ने सरकार से मांग की कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए कृषि नीतियों में तुरंत सुधार किए जाएं और कॉरपोरेट व बहुराष्ट्रीय कंपनियों की मनमानी पर रोक लगाई जाए।Haryana News













