हरियाणा में इस बार नहीं होगी खाद की कालाबाजारी, कृषि विभाग ने उठाया ये कदम

On: August 1, 2025 8:04 PM
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Haryana Kisan News:

हरियाणा: खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही हरियाणा सरकार ने खाद वितरण व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कृषि विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस बार बिना पंजीकरण वाले किसानों को डीएपी, यूरिया सहित कोई भी अनुदानित खाद नहीं दी जाएगी। ऐसे में किसानों के पास अब केवल 5 अगस्त तक का समय बचा है, जिसमें उन्हें ‘मेरी फसल, मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर अपनी भूमि और फसल की जानकारी अपडेट कर पंजीकरण करवाना अनिवार्य है।

कालाबाजारी रोकने का प्रयास: विभाग के अनुसार यह फैसला खाद की कालाबाजारी और फर्जी वितरण को रोकने के लिए लिया गया है। हर साल खाद के लिए होने वाली मारामारी और अव्यवस्था को देखते हुए सरकार इस बार पूरी सतर्कता बरत रही है। पंजीकरण के बाद ही किसानों को तय मात्रा में खाद वितरण किया जाएगा। विभाग द्वारा जिला स्तर पर कृषि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे गांवों में जाकर किसानों को इस बारे में जागरूक करें और पंजीकरण में सहयोग करें।

फिलहाल राज्य में 84 हजार टन खाद का स्टॉक उपलब्ध है और केंद्र से अब तक 12.92 लाख टन खाद की आपूर्ति हो चुकी है, जबकि 13.90 लाख टन की मांग भेजी गई थी। ऐसे में खाद की कोई कमी नहीं होगी, लेकिन इसका लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा जो निर्धारित समय पर पंजीकरण करवाएंगे।

पजींकरण करवाने की अपील: बता दे कि कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करते हुए नजदीकी सीएससी केंद्र, पंचायत भवन या कृषि विभाग कार्यालय में जाकर जल्द से जल्द अपनी जानकारी पोर्टल पर दर्ज करवाएं, ताकि समय पर खाद मिल सके और उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत न हो।

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मै पिछल क्षेत्र तील साल से पत्रकारिता में कार्यरत हूं। पहले एक राष्ट्रीय न्यूज पेपर में भी कार्य करने का मौका मिला। फिलहाल Best E News में बतौर एडिटर कार्यरत है।

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