Haryana News: हरियाणा में राजस्व विभाग की लापरवाही एक बड़े संकट का कारण बन गई है। प्रदेश के 13 जिलों में कुल 6 हजार 497 सरकारी प्रॉपर्टी पर अवैध रूप से लोगों ने कब्जा कर लिया है। यह कब्जे इसलिए संभव हो पाए क्योंकि संबंधित राजस्व अधिकारियों ने समय पर इन मामलों को कोर्ट में चुनौती ही नहीं दी। अब हरकत में आए फाइनेंस कमिश्नर ने सभी जिलों के उपायुक्तों को पत्र जारी कर अदालत में केस दर्ज कराने के निर्देश जारी किए हैं।
फतेहाबाद, हिसार, झज्जर, करनाल, कुरुक्षेत्र, कैथल, पलवल, पानीपत, रेवाड़ी, रोहतक, सिरसा, सोनीपत और यमुनानगर जिलों के डीसी को फाइनेंस कमिश्नर ने स्पष्ट किया है कि पब्लिक प्रीमिसेज एक्ट, 1972 की धारा के तहत अवैध कब्जों को हटाने की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए। उन्होंने यह भी कहा है कि अब इस पूरे मामले की मासिक समीक्षा की जाएगी और हर महीने की रिपोर्ट अनिवार्य रूप से भेजनी होगी।Haryana News
इस बीच कुछ जिलों में कार्रवाई की शुरुआत हो चुकी है। करनाल में 626 प्रॉपर्टी, यमुनानगर में 320 और कुरुक्षेत्र में 27 मामलों में पहले ही कोर्ट केस दर्ज किए जा चुके हैं। अब शेष जिलों से भी रिपोर्ट मांगी गई है कि जनवरी 2018 से लेकर अब तक कितने कब्जे हटाए गए हैं और कितना सरकारी रकबा इनसे मुक्त कराया गया है।
यह मामला सिर्फ सरकारी जमीन के दुरुपयोग का नहीं, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों की निष्क्रियता का भी है, जिससे सरकार की संपत्ति पर आम लोग कब्जा जमाने में सफल हो रहे हैं। अब देखना यह है कि फाइनेंस कमिश्नर के आदेशों के बाद कितनी तेजी से कार्रवाई होती है और लापरवाह अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की जाती है।













