Gautam Adani: देश के उद्योग जगत के प्रमुख चेहरों में शामिल और अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने शुक्रवार को मुंबई में आयोजित सोसाइटी फॉर मिनिमली इनवेसिव स्पाइन सर्जरी – एशिया पैसिफिक (SMISS-AP) के 5वें वार्षिक सम्मेलन में भारत के हेल्थ सेक्टर के लिए एक क्रांतिकारी योजना का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अब भारत को सिर्फ सुधारों की नहीं, बल्कि एक पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था के पुनर्निर्माण की आवश्यकता है, जो बुद्धिमत्ता के साथ-साथ संवेदनशीलता से भी जुड़ी हो।Gautam Adani
Gautam Adani ने स्पष्ट किया कि अदाणी समूह अब देश में एआई-आधारित, मल्टीडिसिप्लिनरी, मॉड्युलर और स्केलेबल हेल्थकेयर इकोसिस्टम विकसित करेगा, जो विश्वस्तरीय होने के साथ-साथ किफायती भी होगा। उन्होंने कहा कि यह स्वास्थ्य व्यवस्था इंटीग्रेटेड, इंटेलिजेंट, इनक्लूसिव और इंस्पायर्ड होगी। उन्होंने यह भी बताया कि इस दिशा में अहमदाबाद और मुंबई में 1,000-बिस्तर वाले दो बड़े मेडिकल कैंपस की स्थापना की जाएगी, जो महामारी या आपदा की स्थिति में तेजी से विस्तार करने में सक्षम होंगे।

गंभीर स्वास्थ्य असमानताओं की ओर इशारा करते हुए अदाणी ने कहा कि आज भारत में 10,000 लोगों पर सिर्फ 20.6 स्वास्थ्य कर्मी उपलब्ध हैं, जबकि WHO का मानक 44.5 है। 74% डॉक्टर शहरी इलाकों में सेवाएं दे रहे हैं, जिससे ग्रामीण भारत स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित है। उन्होंने मेडिकल उद्यमियों से आह्वान किया कि वे AI-पावर्ड स्पाइन डायग्नोस्टिक्स, रूरल सर्जिकल यूनिट्स और रोबोटिक स्पाइनल केयर सेंटर जैसे नए क्षेत्रों में आगे आएं।
Gautam Adani का 60,000 करोड़ का संकल्प
अदाणी ने बताया कि अपने 60वें जन्मदिन पर उनके परिवार ने स्वास्थ्य, शिक्षा और कौशल विकास के लिए 60,000 करोड़ रुपये समर्पित करने का निर्णय लिया था, और अब अदाणी हेल्थकेयर टेम्पल्स उसी का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि ये संस्थान Mayo Clinic जैसे वैश्विक केंद्रों की विशेषज्ञता और डिज़ाइन के आधार पर विकसित किए जाएंगे।
भारत की रीढ़ पर विशेष फोकस Gautam Adani
अदाणी ने कहा कि देश में लोअर बैक पेन विकलांगता का सबसे बड़ा कारण बन चुका है, जो मधुमेह और दिल की बीमारियों से भी ज्यादा फैला हुआ है। उन्होंने कहा, “अगर हमें राष्ट्रीय संकल्पों का बोझ उठाना है, तो सबसे पहले अपने लोगों की रीढ़ को स्वस्थ करना होगा।”
- स्वास्थ्य व्यवस्था के 5 स्तंभों का किया उल्लेख
- पारंपरिक विभागों की सीमाएं तोड़ने वाली एकीकृत देखभाल
- मॉड्युलर और स्केलेबल इंफ्रास्ट्रक्चर
- रोबोटिक्स और एआई-आधारित मेडिकल शिक्षा
- नर्सिंग व पैरामेडिकल ट्रेनिंग में निवेश
- मरीज को प्राथमिकता देने वाला बीमा मॉडल
सम्मेलन के अंत में अदाणी ने कहा – “भारत तब तक आगे नहीं बढ़ सकता, जब तक उसके लोग खड़े नहीं हो सकते। और लोग तब तक खड़े नहीं हो सकते, जब तक उनकी रीढ़ स्वस्थ नहीं है। आइए, हम मिलकर इस राष्ट्र की रीढ़ को मजबूत बनाएं।”













