गुरुग्राम। हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम के तहत गुरुग्राम एसीबी की टीम ने नूंह जिले में तैनात रहे तत्कालीन जिला राजस्व अधिकारी बिजेन्द्र राणा को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास उस समय अतिरिक्त चार्ज भी था। जांच में उनके खिलाफ पुख्ता सबूत मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई। एसीबी ने उन्हें अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड की मांग की है।Big action in Nuh consolidation scam
जांच के अनुसार, बिजेन्द्र राणा पर 2024 में नूंह जिले के गांव बसई मेव और फिरोजपुर झिरका क्षेत्र में बतौर बन्दोबस्त अधिकारी रहते हुए चकबंदी योजना में गड़बड़ी के आरोप हैं। उन्होंने दो रास्तों को 4 करम से बढ़ाकर 6 करम करने की मंजूरी दी थी, जिसके विरोध में गांव के लोगों ने उन्हें लिखित शिकायत भी सौंपी थी।Big action in Nuh consolidation scam
ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि ये रास्ते राजस्थान सीमा में चल रहे वैध और अवैध खनन कारोबारियों को फायदा पहुंचाने के लिए तैयार किए जा रहे थे, जिससे भारी मुनाफा कमाया जा सके। बावजूद इसके, अधिकारी ने गांव के तत्कालीन सरपंच हनीफ उर्फ हन्ना द्वारा दिए गए एतराज को मंजूरी देकर स्कीम लागू कर दी।
इस घोटाले में पहले ही तीन तत्कालीन अधिकारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं इस मामले में तीन आरोपी—शाबिर पुत्र रहमान, शौकत पुत्र रहमान और हनीफ उर्फ हन्ना पुत्र रूसतम—अब भी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए प्रशासन ने प्रत्येक पर ₹50,000 के नकद इनाम की घोषणा की है। पूरे मामले की जांच तेजी से जारी है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।













