Haryana News: जैसे ही बरसात का मौसम शुरू हुआ वैसे ही हरियाणा में हरियाली के साथ सब्जियों की कीमतों में भी हरकत देखने को मिली। खासकर अंबाला की मंडियों में उन सब्जियों के दाम तेजी से बढ़े हैं जो पहाड़ी इलाकों से आती हैं। मटर की कीमत 140 रुपये प्रति किलो के पार पहुंच चुकी है जो आमतौर पर 70-80 रुपये में मिल जाती थी। इसके साथ ही बीन्स और पहाड़ी आलू भी अब आम आदमी की जेब पर बोझ डाल रहे हैं।
स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि यह कोई नई बात नहीं है। हर साल बरसात के समय ऐसी स्थिति बनती है क्योंकि पहाड़ी रास्तों में रुकावट आने से सप्लाई पर असर पड़ता है। उनका कहना है कि सब्जियों की मांग बरकरार रहती है लेकिन सप्लाई घट जाती है जिससे कीमतें ऊपर जाती हैं। वे कहते हैं कि अगर टमाटर आलू और प्याज 100 रुपये किलो पर न पहुंचे तो इसे ‘महंगाई’ कहना सही नहीं होगा।
प्याज और आलू अब तक स्थिर जनता को मिली राहत
दुकानदारों के अनुसार, फिलहाल आलू और प्याज की कीमतों में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं हुई है। दोनों सब्जियां आम रेट पर बिक रही हैं। आलू करीब 20-25 रुपये और प्याज 30-35 रुपये प्रति किलो मिल रहा है। दुकानदार मानते हैं कि अगर ये भी मटर की तरह 100 रुपये पार कर जाएं तब आम जनता पर सीधा असर पड़ेगा। फिलहाल लोगों की थाली से ये दो जरूरी सब्जियां बाहर नहीं हुई हैं।
खरीददारों की मिली-जुली प्रतिक्रिया उम्मीद अब भी बरकरार
जब बाजार में सब्जी खरीदने आए लोगों से बात की गई तो उनकी प्रतिक्रिया मिली-जुली रही। कुछ लोगों ने माना कि कुछ सब्जियां महंगी हुई हैं लेकिन कोई खास परेशानी नहीं है। उनका कहना है कि अगर कीमतें थोड़ी बढ़ती हैं तो चल जाता है लेकिन जब सब्जी खरीदना मजबूरी बन जाए तो दिक्कत होती है। फिलहाल बाजार की स्थिति को लेकर लोग ज्यादा चिंतित नहीं हैं।
सब्जी बाजार की स्थिति अभी स्थिर दिख रही है लेकिन अगर बारिश लगातार होती रही और पहाड़ी इलाकों से सप्लाई पर असर बढ़ा तो आने वाले हफ्तों में टमाटर और हरी सब्जियों के दाम और ऊपर जा सकते हैं। यह भी संभव है कि अचानक आई बारिश से खेतों में नुकसान हो और कीमतें आसमान छूने लगें। ऐसे में आने वाले दिन तय करेंगे कि थाली महंगी होगी या राहत बनी रहेगी।













