Manesar Lathi-charge Case: मानेसर में हुए लाठीचार्ज के बाद गिरफ्तार किए गए मजदूरों को कडी सुरक्षा में शुक्रवार को अदालत में पेश किया गया। तोडफोड, हिसा, आगजनी के आरोप में कुल 56 मजदूरों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पुलिस ने इस पूरे मामले में दो FIR दर्ज की हैं। इसी को लेकर शुक्रवार को तहत कार्रवाई करते हुए मजदूरों को हिरासत में लिया गया था तथा कोर्ट में पेश किया। हालांकि श्रमिकों ने उनकी गिरफ्तारी पर विरोध किया लेकिन भारी पुलिस बल के चलते श्रमिकों की आवाज दबकर रह गई।
जमानत याचिका खारिज: जैसे ही श्रमिकों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई। कोर्ट के आदेश के बाद सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। लाठीचार्ज के बाद हुए विवाद में कुल 56 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

बेघर हुए कई श्रमिक: बताया जा रहा है कई ऐसे श्रमिक है तो अपने माता पिता की एकलोटी संतान है। उनके जेल में जाने पर अब उनके माता का पालन पोषण करने वाला कोई नहीं है। बता दें कि सैलरी वृद्धि की मांग को लेकर हड़ताल कर रहे कर्मचारियों के साथ पुलिस की झड़प हो गई थी। जिसके बाद से ही पुलिस की टीमें उपद्रव करने वाले कर्मचारियों को तलाश कर रही थी। देर रात पुलिस ने 56 श्रमिको को काबू कर लिया गया था।
आईएमटी मानेसर में हड़ताल की शुरुआत, उद्योगों पर संकट गहराया : कंपनियों में काम काज ठप: बता दे श्रमिकों की वेतन बढाने की मांगो को लेकर मानेसरा आइएमटी में करीब 10 से 12 हजार हडताल पर चले गए है। ऐसे में फैक्ट्रियों में कामकाज बाधित हो चुका है। कई स्थानों पर हड़ताल जैसी स्थिति बन गई है। उद्योगों में उत्पादन ठप होने की कगार पर है, जिससे करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।Manesar Lathi-charge Case
बढता जा रहा आक्रोश: बता दे गुरूग्राम के मानेसर मे हो रही हडताल का असर धीरे धीरे बढने लगा है। संगठनों का कहना है कि यदि समय रहते स्थिति स्पष्ट नहीं की गई, तो यह भ्रम गुड़गांव ही नहीं बल्कि पूरे हरियाणा के औद्योगिक क्षेत्रों में फैल सकता है। जिससे बड़े पैमाने पर औद्योगिक अशांति पैदा होने का खतरा है। पिछले दो दिन से राजस्थान के भिवाड़ी में श्रमिक हडताल पर चले गए है। वहीं धारूहेडा मे सुगबुहात हो चुकी है।
















