International Conference in Rewari: इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय रेवाड़ी में कौशल संवर्धन और व्यावसायिक विकास केंद्र, वाणिज्य विभाग, पर्यटन एवं प्रबंधन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में स्वदेशी शोध संस्थान के सहयोग से दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का समापन हआ अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में 230 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया तथा ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से 140 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। इसमें 55 पेपर ऑनलाइन माध्यम से और 85 पेपर ऑफलाइन माध्यम से प्रस्तुत किए गए।International Conference in Rewari
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एस.एन. सचदेवा और चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कुलपति प्रोफेसर बी.आर. कंबोज ने शिरकत की। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रोफेसर एस.के. अग्रवाल, अध्यक्ष, जीएनजी ग्रुप, गुरुग्राम, मुख्य वक्ता के रूप में प्रोफेसर अश्वनी महाजन, प्रख्यात अर्थशास्त्री उपस्थित रहें।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कुलपति प्रोफेसर असीम मिगलानी ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि व मुख्य वक्ता का फूलों के गुलदस्ते से स्वागत किया एवं स्मृति चिन्ह व शाल भेंट कर सम्मानित किया। मुख्य अतिथि के द्वारा मां शारदे के समक्ष दीप प्रज्वलित किया गया।International Conference in Rewari
विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रोफेसर दिलबाग सिंह ने सभी का स्वागत किया। उन्होंने नवीन शोध प्रवृत्तियों, वैश्विक चुनौतियों एवं उनके समाधान पर प्रकाश डाला। संगोष्ठी की संयोजक एवं कौशल संवर्धन और व्यावसायिक विकास केंद्र की निदेशक प्रोफेसर रितु बजाज ने दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की रिपोर्ट प्रस्तुत की।
विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर एस.के. अग्रवाल ने इंडस्ट्री एवं एकेडमिक पर्यावरण का संयोजन करते हुए विद्यार्थियों में उद्यमशीलता को बढ़ाने पर जोर दिया।?चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कुलपति प्रोफेसर बी.आर. कंबोज ने विद्यार्थियों में सॉफ्ट स्किल डेवलपमेंट पर जोर दिया और साथ ही कहा कि शोध के क्षेत्र में मात्र की बजाय गुणवत्ता पर जोर दिया जाना चाहिए। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एस.एन. सचदेवा ने शोध को मानव कल्याण के साथ जोड़ने पर जोर दिया और कहा कि कृषि क्षेत्र में सुधार की बहुत आवश्यकता है क्योंकि यह वह क्षेत्र है जहां रोजगार संवर्धन एवं उद्यमशीलता को बढ़ावा दिया जा सकता है और इसके लिए उन्होंने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
मुख्य वक्ता प्रोफेसर अश्विनी महाजन ने देश की समृद्धि के लिए आत्मनिर्भरता और कौशल विकास पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सक्षम नेतृत्व में तेजी से विकास और समृद्धि की राह पर बढ़ रहा है और शीघ्र ही हम लोग आत्मनिर्भरता का लक्ष्य भी प्राप्त कर लेंगे।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर असीम मिगलानी ने कार्यक्रम का सफल आयोजन करने पर संपूर्ण आयोजन टीम को बधाई दी और साथ ही कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से जो विचार एकत्रित होते हैं उन्हें साकार रूप से व्यवहारिक जीवन में लागू करना भी उतना ही आवश्यक है तभी यह आयोजन सार्थक सिद्ध हो सकते हैं।
कार्यक्रम की धन्यवाद प्रस्तावना वाणिज्य विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर रविंद्र द्वारा रखी गई। कार्यक्रम में योगदान देने वाली आयोजन टीम के सदस्यों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए और साथ ही स्वदेशी प्रदर्शनी एवं आइशर मोबाइल फैक्ट्री ऑन व्हील्स की प्रदर्शनी में प्रस्तुति रखने वाले मेहमानों को भी पुरस्कृत किया गया। इस दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में 230 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया तथा ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से 140 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। इसमें 55 पेपर ऑनलाइन माध्यम से और 85 पेपर ऑफलाइन माध्यम से प्रस्तुत किए गए।International Conference in Rewari
इसके लिए अलग-अलग सत्र समानांतर रूप से आयोजित किए गए थे। इस प्रकार कुल मिलाकर 12 सत्र आयोजित किए गए थे जिसमें पांच ऑनलाइन एवं सात ऑफलाइन माध्यम के लिए थे। प्रत्येक सत्र से बेस्ट पेपर भी घोषित किए गए। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि एवं मुख्य वक्ता द्वारा पौधारोपण किया गया।International Conference in Rewari
इस अवसर पर कार्यक्रम के सहसंयोजक प्रोफेसर अदिति शर्मा, प्रोफेसर तेज सिंह, प्रोफेसर रविंद्र, प्रोफेसर रश्मि पुंडीर, प्रोफेसर संजय हुड्डा, प्रोफेसर करण सिंह, प्रोफेसर समृद्धि, आयोजन सचिव डॉ. ममता अग्रवाल एवं डॉ. भारती सहित सभी समिति संयोजक, सदस्य एवं शोधार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. कुसुम यादव एवं डॉ. ईश्वर शर्मा द्वारा किया गया।















