Breaking News: आठवें वेतन आयोग की चर्चाओं के बीच ओल्ड पेंशन स्कीम और नेशनल पेंशन सिस्टम को लेकर केंद्र सरकार का एक अहम आंकड़ा सामने आया है। सरकार के अनुसार फिलहाल हर 139 ओल्ड पेंशन स्कीम पेंशनर्स पर सिर्फ एक नेशनल पेंशन सिस्टम पेंशनर है। यानी अभी भी अधिकांश रिटायर्ड कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना के तहत ही पेंशन प्राप्त कर रहे हैं।
आंकडों से हुआ बडा खुलासा: संसद में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा सांसद प्रदीप कुमार वर्मा के सवाल के जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 8 दिसंबर 2025 तक ओल्ड पेंशन स्कीम के तहत करीब 69 लाख पेंशनर्स को पेंशन मिल रही थी, जबकि नेशनल पेंशन सिस्टम के तहत लगभग 49 हजार 802 पेंशनर्स को ही भुगतान किया जा रहा है।Breaking News
ऑल इंडिया NPS एम्प्लॉईज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत पटेल के अनुसार मौजूदा NPS पेंशनर्स में कई ऐसे कर्मचारी भी हैं जिन्होंने 1990 के दशक के अंत में नौकरी शुरू की थी, लेकिन उनकी नियमित नियुक्ति 2004 के बाद हुई। सरकार के मुताबिक NPS पेंशनर्स की संख्या कम होने का मुख्य कारण यह है कि केंद्रीय कर्मचारियों के लिए यह व्यवस्था 1 जनवरी 2004 से लागू की गई थी और उस समय भर्ती हुए अधिकतर कर्मचारी अभी सेवा में ही हैं।
बता दे कि ऐसे कई उदाहरण डाक विभाग में देखने को मिले हैं, जहां कर्मचारियों ने पहले काम शुरू किया, लेकिन नियमित सेवा NPS लागू होने के बाद होने के कारण उन्हें उसी योजना के तहत पेंशन मिल रही है।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकारी कर्मचारियों की औसत सेवा अवधि लगभग 30 वर्ष मानी जाए, तो 2004 के बाद भर्ती हुए कर्मचारी 2034 के आसपास बड़ी संख्या में रिटायर होंगे। ऐसे में आने वाले वर्षों में NPS पेंशनर्स की संख्या तेजी से बढ़ सकती है
NPS प्रक्रिया को डिजीटल बनाने पर फोकस: बता दें कि OPS पेंशनर्स का अनुपात धीरे-धीरे कम हो सकता है। वहीं सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि पेंशन भुगतान में देरी की कोई शिकायत पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण के पास दर्ज नहीं हुई है और NPS प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाने के लिए कई सुधार भी लागू किए गए हैं।












