Haryana weather Update: हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में इन दिनों मौसम ने अपना मिजाज बदल-बदल कर लोगों को हैरान कर दिया है। सुबह ठंडी हवा के झोंके सर्दी का अहसास दिलाते हैं, लेकिन दोपहर में सूरज की तपिश चुभने लगती है। दिन में गर्मी और शाम होते ही ठंड की दस्तक, लोगों को असमंजस में डाल रही है कि गर्म कपड़े पहनें या पंखा चलाएं।
दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद में हवा की रफ्तार भी काफी धीमी है। सिर्फ 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवाएं प्रदूषण को कम नहीं कर पा रही हैं। नतीजा यह है कि पूरे एनसीआर की हवा जहरीली हो गई है। नोएडा में एयर क्वालिटी इंडेक्स 201 तक पहुंच गया है, जबकि फरीदाबाद और गुरुग्राम में यह 150 से 200 के बीच बना हुआ है। बल्लभगढ़ में प्रदूषण सबसे ज्यादा है। बढ़ते प्रदूषण की वजह से लोग सुबह की सैर के बजाय घर में रहने को मजबूर हैं।
रात के समय तापमान 17 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है, जिससे ठिठुरन महसूस हो रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार 19 से 22 अक्टूबर तक सुबह हल्का कोहरा छाने की संभावना है। विजिबिलिटी घटने से सफर में परेशानी हो सकती है। हालांकि 22 अक्टूबर के बाद मौसम थोड़ा साफ होने का अनुमान है।
हरियाणा में गुलाबी ठंड ने दस्तक दे दी है। पिछले छह दिनों से न्यूनतम तापमान लगातार गिर रहा है। उत्तर-पश्चिमी हवाओं के कारण रातें ठंडी हैं, जबकि दिन में तापमान 32-33 डिग्री तक बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जब दिन और रात के तापमान का अंतर कम होगा, तभी ठंड ज्यादा महसूस होगी। दिवाली तक मौसम सूखा रहने का अनुमान है और अक्टूबर के अंत तक न्यूनतम तापमान 10 डिग्री तक गिर सकता है।
पहाड़ों में हाल ही में हुई बर्फबारी और अक्टूबर की शुरुआत में पश्चिमी विक्षोभ की वजह से 30 एमएम बारिश होने से तापमान औसत से नीचे चला गया है। इससे मैदानी इलाकों में ठंड का असर बढ़ा है। कृषि मौसम विशेषज्ञ डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार यह मौसम किसानों के लिए भी लाभकारी है। दिन में धूप और रात में ठंडक सरसों की बुआई के लिए अनुकूल है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि अभी अच्छी किस्म की सरसों की बुवाई करें ताकि पैदावार बेहतर हो।













