Haryana News: कैथल की अनाज मंडी में रविवार को धान की खरीद प्रक्रिया पर ब्रेक लग गया। मंडी में पहुंचे राइस मिलर्स ने धान खरीदने से इंकार कर दिया। उनका कहना है कि सरकारी पोर्टल में तकनीकी खराबी के कारण गेट पास जारी नहीं हो रहे हैं। इसके चलते धान का उठान (स्टॉक ट्रांसपोर्ट) रुक गया है। इस स्थिति से किसान और आढ़ती दोनों परेशान हैं।
किसानों की परेशानियां
किसानों ने बताया कि इस बार बीमारी के कारण नमी वाला धान अधिक मात्रा में मंडी में पहुंच रहा है। इस प्रकार का धान एमएसपी पर खरीदा नहीं जाता, इसलिए कटौती कर राइस मिलर्स इसे खरीदते हैं। लेकिन गेट पास न मिलने के कारण मिलर्स ने खरीद रोक दी है, जिससे किसानों को अपनी फसल मंडी में अटकी छोड़नी पड़ रही है। किसानों का कहना है कि फसल की पैदावार पहले ही कम है, ऊपर से नमी वाली फसल की समस्या चिंता का अतिरिक्त कारण बन गई है।
किसानों की मांग
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि पोर्टल की तकनीकी समस्या को तुरंत ठीक किया जाए और गेट पास जारी करने की प्रक्रिया सुचारू रूप से चले। इसके अलावा किसानों ने सरकार से नमी प्रतिशत की सीमा बढ़ाने की भी अपील की, ताकि उनका धान न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर बिक सके।
इस मामले पर मार्केट कमेटी के मंडी सचिव नरेंद्र ढुल ने बताया कि पोर्टल में तकनीकी दिक्कत एजेंसियों का मामला है। उन्होंने कहा, “हमने समस्या की जानकारी प्रशासन तक पहुंचा दी है। उम्मीद है कि जल्द ही समाधान कर उठान शुरू कर दिया जाएगा।”













