Haryana News: एनसीआर का हिस्सा और तेजी से विकसित हो रहा शहर रेवाड़ी आज भी सिटी बस सेवा से महरूम है। पिछले 10 सालों से लोगों की इस सुविधा की उम्मीदें बेकार हो रही हैं। अन्य बड़े और उभरते शहरों में लोकल बस सेवा यात्रियों के लिए राहत का काम कर रही है, लेकिन रेवाड़ी में यह सिर्फ उम्मीदों तक ही सीमित रही।
कुछ समय पहले रोडवेज के बेड़े में 5 एसी इलेक्ट्रिक बसें आईं। शहर में सर्कुलर रोड पर इनके ट्रायल हुए, जिससे लोगों की उम्मीदें जगी। लेकिन रोडवेज ने इन्हें शहर के बजाय बावल और धारूहेड़ा रूट पर चलाया। अब धारूहेड़ा रूट से भी बसें हटा दी गई हैं और केवल बावल रूट पर ही बसें चल रही हैं।
रोडवेज की दिक्कतें
रोडवेज का कहना है कि रेलवे विभाग से स्टापिज की अनुमति नहीं मिल पाना और सर्कुलर रोड पर नाईवाली चौक के घुमाव जैसी तकनीकी दिक्कतें बस सेवा शहर में चलाने में बाधा हैं।
2015 में जब रोडवेज ने सिटी बस सेवा शुरू की थी, केवल 5 रुपये किराए पर यात्रियों की भीड़ इतनी थी कि एक बस में दो परिचालक लगाने पड़ते थे। उस समय ऑटो का किराया 10 रुपये था। बस सेवा से रोडवेज को भी लाभ हुआ, लेकिन कुछ ही महीनों में इसे बंद कर दिया गया। इसके बाद शहर में ऑटो चालकों की मनमानी बढ़ गई और आज 1,000 से ज्यादा ऑटो 20 रुपये तक किराया वसूल रहे हैं।
लोगों को सस्ती और सुरक्षित सुविधा की उम्मीद
यदि रेवाड़ी में सिटी बस सेवा दोबारा शुरू हो जाए, तो यात्रियों को सस्ती और आरामदायक सफर मिलेगा। साथ ही सड़कों पर जाम और प्रदूषण में भी कमी आएगी।













