Hayana: सोमवार को अधूरी तैयारियों के कारण सरकारी खरीद (PR Paddy) बाजार में शुरू नहीं हो सकी। अधिकारियों ने सरकार की ओर से खरीद की प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए मौके पर पहुंचकर व्यवस्था की, लेकिन एजेंसी और मिल मालिकों के बीच अभी तक कोई समझौता नहीं हो सका। इसी कारण किसानों ने भी धान बाजार में नहीं लाया। सरकारी एजेंसी ने किसानों को बुलाने से पहले मिल मालिकों के साथ समझौते का इंतजार किया है।
1509 किस्म का धान आना शुरू
बाजार में 1509 किस्म का धान आने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस वर्ष की धान की फसल पिछले साल की तुलना में बेहतर कीमत पर बिक रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस साल फसल में कोई रोग नहीं आया है, इसलिए कीमतें अधिक हैं। सरकारी खरीद के लिए बल्लीभगढ़ और टीगांव बाजारों को चुना गया है। समर्थन मूल्य इस साल ₹2369 प्रति क्विंटल तय किया गया है, जबकि ए ग्रेड PR धान ₹2389 प्रति क्विंटल बिकेगा।
किसानों का कहना है कि इस साल की धान की गुणवत्ता अच्छी है और फसल अच्छी तरह पक चुकी है। भानकपुर के नौदान सिंह रावत बताते हैं, “हमारा धान अभी भी पानी में डूबा हुआ था, लेकिन इस बार धान के दाने अच्छे पके हैं और कोई नुकसान नहीं हुआ। पिछले साल तितली रोग ने दानों को नुकसान पहुँचाया था।” वहीं सहुपुरा के खेमचंद कहते हैं, “इस साल 1509 किस्म के धान की कीमत पिछले साल से बेहतर है। पिछले साल इसकी शुरुआती खरीद कीमत ₹2359 थी, जबकि इस साल ₹2961 प्रति क्विंटल पर खरीदी जा रही है।”
सरकारी खरीद एजेंसी और मिल मालिकों का समझौता जरूरी
सरकारी खरीद तभी शुरू होगी जब सरकारी खरीद एजेंसी और मिल मालिकों के बीच समझौता हो जाएगा। कमीशन एजेंट नरेश कुमार बंसल ने बताया, “अभी कोई समझौता नहीं हुआ है, इसलिए किसानों को PR धान लाने के लिए नहीं कहा गया।” सोमवार को वेयरहाउसिंग अथॉरिटी के अधिकारी सरकारी खरीद के लिए बाजार पहुंचे, लेकिन मार्केट कमिटी ने किसी किसान को गेट पास नहीं दिया। खरीद तभी शुरू होगी जब किसान अपनी फसल लाएंगे और एजेंसी उसे खरीदकर मिल मालिक को भेजेगी, जिसके साथ उनका कॉन्ट्रैक्ट है।













