Hisar Air Show 2025: हरियाणा के हिसार में महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट पर आज भारतीय वायुसेना की प्रसिद्ध सूर्यकिरण एयरोबेटिक टीम ने रोमांचक एयर शो पेश किया। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को प्रेरित करना है ताकि वे भविष्य में भारतीय वायुसेना में शामिल होकर पायलट बनने का सपना देख सकें। एयर शो में 13 पायलटों की टीम ने तीन घंटे तक अपने विमान से हैरतअंगेज करतब दिखाए।
सिरसा और अंबाला एयरफोर्स स्टेशन से उड़ान भरते हुए ये विमान आकाश में कभी सभी एक साथ फॉर्मेशन बनाते तो कभी अलग-अलग टीमों में बंटकर शानदार एयरोबेटिक प्रदर्शन करते। इस दौरान विमान 150 किलोमीटर प्रति घंटे से लेकर 650 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरते रहे। रिहर्सल के दौरान नौ विमान एक साथ करतब दिखाने में सक्षम थे।
इस एयर शो में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी भी उपस्थित रहे। प्रशासन ने पार्किंग व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा और सुरक्षा के लिए अलग-अलग टीमें नियुक्त की थीं। हिसार में आयोजित इस एयर शो को देखने के लिए हजारों लोग पहुंचे और उन्होंने उत्साह के साथ वायुसेना की उड़ानों का आनंद लिया।
सूर्यकिरण टीम भारतीय वायुसेना की 52वीं स्क्वॉड्रन का हिस्सा है, जिसकी स्थापना 1996 में हुई थी। इस टीम में कुल 13 पायलट शामिल हैं, जिनमें से केवल 9 विमान एक साथ उड़ान भरते हैं। टीम के पायलटों के पास किरण विमान संचालन का 1,000 घंटे और लड़ाकू उड़ान का लगभग 2,000 घंटे का अनुभव होता है। टीम में फ्लाइट कमांडर, एक प्रशासक और योग्य उड़ान प्रशिक्षक भी शामिल हैं।
सूर्यकिरण टीम ने देश के कई हिस्सों में अपने हवाई करतब प्रस्तुत किए हैं। इसका पहला सार्वजनिक प्रदर्शन 15 सितंबर 1996 को कोयंबटूर स्थित वायुसेना प्रशासनिक महाविद्यालय के स्वर्ण जयंती समारोह में हुआ था। आज के एयर शो ने युवाओं को वायुसेना में करियर बनाने और पायलट बनने की प्रेरणा दी।













