Haryana News: भगवान श्री विश्वकर्मा जयंती और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन पर हरियाणा में कारीगरों और शिल्पकारों को बड़ी सौगात मिली। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मुख्यमंत्री विश्वकर्मा सम्मान योजना की शुरुआत की। इस योजना के तहत प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना में कौशल प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले कारीगरों को 5 हजार रुपये का टॉप अप प्रोत्साहन मिलेगा।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रोहतक में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित किया। समारोह में पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने विश्वकर्मा शिक्षा समिति, रोहतक को 31 लाख रुपये देने की घोषणा की और कहा कि विश्वकर्मा समाज द्वारा आवेदन करने पर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के नियमानुसार प्लॉट आवंटित किया जाएगा। उन्होंने विवाह शगुन योजना के तहत 4200 बेटियों के लिए 22 करोड़ रुपये की राशि जारी करने और लाडो लक्ष्मी योजना के तहत महिलाओं को 2100 रुपये प्रतिमाह देने की जानकारी भी दी।
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि पीएम विश्वकर्मा योजना में कारीगरों को कौशल प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण के दौरान 500 रुपये प्रतिदिन स्टाइपेंड और टूल किट दी जाती है। कारोबार के लिए मामूली ब्याज दर पर ऋण, उत्पादों का सत्यापन, ब्रांडिंग, प्रचार और ई-कॉमर्स तथा जैम पोर्टल पर बिक्री का अवसर भी मिलता है। हरियाणा में अब तक 41,366 आवेदक पंजीकृत हुए हैं, 30,655 कारीगरों ने प्रशिक्षण पूरा किया है और लगभग 12 हजार कारीगरों को टूल किट दी जा चुकी है। 6 हजार कारीगरों को 56 करोड़ रुपये का ऋण भी दिया जा चुका है।
श्रमिकों का सम्मान और कौशल विश्वविद्यालय
प्रदेश सरकार ने जिला पलवल में श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय की स्थापना की है, जो देश में कौशल शिक्षा का एक मॉडल बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री ने कारीगरों के सम्मान, सशक्तिकरण और समृद्धि का संकल्प लेने का आह्वान किया और ‘वोकल फॉर लोकल’ को जीवन का व्यवहार बनाने की प्रेरणा दी।
प्रदर्शनी और पुरस्कार वितरण
समारोह में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जीवन वृतांत और जनसेवा योजनाओं पर केंद्रित प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न श्रेणियों के कारीगरों को पुरस्कार दिए। टेराकोटा में फरीदाबाद के महेंद्र कुमार को 3 लाख रुपये, लकड़ी व बांस शिल्प में कुरुक्षेत्र के दीपक को 3 लाख रुपये, धातु में रेवाड़ी के शिव कुमार को 3 लाख रुपये, हथकरघा में पानीपत के खेमराज को 3 लाख रुपये और चित्रकला क्षेत्र में रेवाड़ी के सुरेंद्र कुमार को 51 हजार रुपये तथा टेराकोटा में फरीदाबाद के केदार को 51 हजार रुपये सम्मान स्वरूप प्रदान किए गए।













